Quote of the Day : रुपये-पैसों समेत इन 4 कामों में कभी न करें शर्म, वरना पछताएंगे!

Quote of the Day :आचार्य चाणक्य ने एक सुखी और सफल जीवन के लिए कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण नियम बताए हैं. उनके अनुसार, समाज और लोक-लज्जा के डर से व्यक्ति कई बार अपनी उन्नति के अवसर खो देता है.

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आचार्य चाणक्य के अनुसार, इन 4 कामों में कभी न करें शर्म आचार्य चाणक्य के अनुसार, इन 4 कामों में कभी न करें शर्म

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:00 AM IST

Quote of the Day : आचार्य चाणक्य ने न केवल राजनीति और कूटनीति के गुण सिखाए हैं, बल्कि एक सुखी और सफल जीवन जीने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं.  चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति की सबसे बड़ी बाधा उसकी झिझक या शर्म होती है. कई बार हम समाज और लोगों की परवाह में वे काम नहीं कर पाते जो हमारे भविष्य और खुशहाली के लिए अनिवार्य हैं. 

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1. धन के लेन-देन में स्पष्टता
अक्सर लोग पैसे के लेन-देन में शर्म महसूस करते हैं. अगर आपने किसी को उधार दिया है और उसे मांगने में आप संकोच कर रहे हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है. आचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना है कि अपना पैसा मांगने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपना हक मांगने में हिचकिचाता है, वह धीरे-धीरे अपनी जमा-पूंजी गंवा देता है.

2. भोजन करने में संकोच न करें
पुराने समय में माना जाता था कि अतिथि के सामने या किसी के घर पर भोजन करने में अधिक औपचारिकताएं नहीं बरतनी चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि भूख लगने पर भोजन मांगने या खाना खाने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपनी भूख छिपाता है, वह खुद को कष्ट ही देता है. एक स्वस्थ शरीर के लिए समय पर भोजन करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

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3. सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में शर्म
ज्ञान का कोई अंत नहीं है. यदि आप किसी नई चीज़ को सीखने के लिए उत्सुक हैं, तो सवाल पूछने में बिल्कुल न झिझकें. चाहे आप अपने से छोटे व्यक्ति से ही क्यों न सीख रहे हों, ज्ञान के मामले में शर्म करने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ सकता. जिज्ञासा ही उन्नति का मार्ग है, इसलिए हमेशा सीखते रहें.

4. काम के चुनाव में हिचकिचाहट
आज के दौर में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. यदि आप मेहनत से अपनी आजीविका चला रहे हैं, तो उसमें शर्म कैसी? चाणक्य का मानना है कि ईमानदारी से किया गया हर काम सम्मान के योग्य है. जो व्यक्ति काम में शर्म करता है, वह कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाता. याद रखें, खाली बैठने से बेहतर है कि आप अपने हुनर और मेहनत पर विश्वास रखें.

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