घर की उत्तर दिशा को कुबेर कॉर्नर कहा जाता है. यह स्थान धन के देवता भगवान कुबेर का माना जाता है. मान्यता है कि यदि इस दिशा को साफ-सुथरा, हल्का और व्यवस्थित रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है. साथ ही, धन की आवक भी अच्छी रहती है. इसलिए इस हिस्से की देखभाल को विशेष महत्व दिया जाता है. आइए आपको इस दिशा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताते हैं.
साफ-सफाई
वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में अनावश्यक सामान, कबाड़ या भारी वस्तुएं जमा नहीं करनी चाहिए. इस स्थान पर अव्यवस्था रहने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है. यदि यह हिस्सा खुला, स्वच्छ और व्यवस्थित रहेगा तो वातावरण अधिक संतुलित और सुखद महसूस हो सकता है.
तिजोरी और कुबेर यंत्र
धन से जुड़े दस्तावेज, तिजोरी या लॉकर को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखकर उसका मुख उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है. वहीं, उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करने की भी सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे समृद्धि और आर्थिक स्थिरता से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा को बल मिलता है.
ये चीजें रखने से भी होगा लाभ
वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा में छोटे फव्वारे, एक्वेरियम, दर्पण (आईना) या नीले, हरे और बैंगनी रंग की सजावटी चीजें (डेकॉर आइटम) रखना भी शुभ माना जाता है. इनका उद्देश्य घर के वातावरण में संतुलन और ताजगी बनाए रखना होता है. हालांकि, इनका उपयोग साफ-सफाई और उचित स्थान के साथ ही करना चाहिए.
इस दिशा में न करें ये गलतियां
यदि घर की उत्तर दिशा में बाथरूम बना है तो इसे वास्तु के अनुसार आदर्श स्थिति नहीं माना जाता है. ऐसे में छोटे दर्पण या इनडोर प्लांट जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा, इस हिस्से में भारी स्टोरेज, बेकार सामान या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुएं रखने से बचना चाहिए, ताकि यह स्थान सक्रिय और व्यवस्थित बना रहे.
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