Kark Sankranti 2026: शास्त्र और सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का विशेष महत्व होता है. कल, 16 जुलाई 2026 को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है. इस दिन से सूर्य देव दक्षिणायन होते हैं, यानी सूर्य की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर हो जाती है. इसके साथ ही अगले छह महीनों के लिए देवताओं की रात शुरू हो जाती है.
कर्क संक्रांति के दिन पूजा-पाठ, स्नान और दान का विशेष महत्व है, लेकिन इस दिन कुछ कामों को करने की सख्त मनाही होती है. यदि इस दिन अनजाने में भी कुछ गलतियां हो जाएं, तो जीवन में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि कर्क संक्रांति के दिन आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
तामसिक भोजन और नशीली चीजों से बनाएं दूरी
कर्क संक्रांति का दिन बेहद पवित्र माना जाता है. इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, प्याज, लहसुन या किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन पूरी तरह सात्विक भोजन करना चाहिए. ऐसा न करने पर कुंडली में सूर्य देव कमजोर होते हैं, जिससे मान-सम्मान में कमी आती है.
नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचें
चूंकि कल से सूर्य दक्षिणायन हो रहे हैं, इसलिए अगले छह महीनों के लिए शुभ और मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और जनेऊ संस्कार) पर रोक लग जाती है. कर्क संक्रांति के दिन किसी नए बिजनेस, बड़े निवेश या नए काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस अवधि में शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आने की आशंका रहती है.
देर तक सोने और आलस करने से बचें
संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. इसलिए कल के दिन सूर्योदय से पहले उठना अनिवार्य माना गया है. यदि आप सूर्योदय के बाद देर तक सोते हैं या दिन में आलस करते हैं, तो इससे सूर्य दोष लगता है. देर तक सोने से शरीर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और करियर में रुकावटें आती हैं.
किसी का अपमान न करें और अपशब्द न बोलें
कर्क संक्रांति के दिन घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता या किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान भूलकर भी न करें. इस दिन किसी पर क्रोध करना या कटु वचन बोलना आपके पुण्य फलों को नष्ट कर सकता है. विशेष रूप से आज के दिन पिता का सम्मान करें, क्योंकि सूर्य को पिता का कारक माना गया है.
घर आए याचक को खाली हाथ न लौटाएं
संक्रांति काल में दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. अगर कल के दिन आपके दरवाजे पर कोई गरीब, ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति आता है, तो उसे अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान जरूर करें. किसी याचक को खाली हाथ लौटाने से घर की बरकत चली जाती है.
कल के दिन क्या करना रहेगा बेहद शुभ?
सूर्य देव को अर्घ्य: कल सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें.
पितरों का तर्पण: दक्षिणायन की शुरुआत में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण या श्राद्ध कर्म करना बेहद फलदायी माना जाता है.
इन चीजों का करें दान: कल के दिन जरूरतमंदों को गुड़, सत्तू, छाता, ठंडे पानी का घड़ा या वस्त्र दान करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं.
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