Advertisement

Jagannath Rath Yatra 2026 Live: पुरी में रथों पर बैठे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, शुरू हुई जगन्नाथ रथ यात्रा

aajtak.in | नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026, 5:36 PM IST

Jagannath Rath Yatra 2026 Live Updates: पूरे देश में आज जगन्नाथ रथ यात्रा का उत्साह देखने को मिल रहा है. खासतौर पर ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचे हैं. आज से शुरू हो रही यह पावन यात्रा 27 जुलाई को नीलाद्री बीजे के साथ संपन्न होगी.

जगन्नाथ रथ यात्रा (Photo: ITG)

Jagannath Rath Yatra 2026: आज से भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, जो 24 जुलाई तक चलेगी. सनातन धर्म में ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा का विशेष और अत्यंत पवित्र महत्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को इस दिव्य उत्सव का शुभारंभ होता है.

इस शुभ अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं. इस दौरान भगवान श्रीमंदिर से प्रस्थान कर अपनी मौसी के घर, यानी गुंडीचा मंदिर की ओर जाते हैं.

आमतौर पर भक्त भगवान के दर्शन के लिए मंदिर के गर्भगृह तक जाते हैं, लेकिन जगन्नाथ रथयात्रा एक अनोखी परंपरा है, जहां भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं. मान्यता है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर के अंदर नहीं जा पाते, उनके लिए महाप्रभु खुद सड़क पर आकर दर्शन देते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं.

इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा गुंडीचा मंदिर में 9 दिनों तक विराजमान रहते हैं. शास्त्रों के अनुसार, यहां भगवान के आड़प दर्शन करने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है.

उमड़ता है लाखों भक्तों का सैलाब

श्रीमंदिर से गुंडीचा मंदिर की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. इस पूरे रथ मार्ग, जिसे बड़ा डांड कहा जाता है, पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है. चारों ओर शंखनाद, ढोल-मंजीरों की गूंज और ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयकारों से पुरी की धरती मानो बैकुंठ धाम जैसी प्रतीत होती है. इस दिव्य नजारे को देखने और इसका हिस्सा बनने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं.

5:14 PM (22 मिनट पहले)

जगन्नाथ रथयात्रा शुरू

Posted by :- Naziya

मूसलाधार बारिश के बावजूद, पुरी की सड़कों पर आज श्रद्धा का महासागर उमड़ पड़ा है.  शाम ठीक 5:05 बजे जैसे ही प्रभु बलभद्र का रथ तालध्वज गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना हुआ, पुरी का वातावरण जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंज उठा. भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गयी. 

5:09 PM (27 मिनट पहले)

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पहंडी रस्म

Posted by :- Naziya

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पहंडी रस्म के दौरान इस बार पारंपरिक मुकुट नहीं पहनाए गए.  इतना ही नहीं, सुरक्षा और मौसम के हालात को देखते हुए भगवान को झुलाते हुए लाने की जगह, अत्यंत सावधानी के साथ उनके विग्रहों को धीरे-धीरे रथ तक पहुँचाया गया.  अब तीनों देव अपने रथ पर विराजमान हो चुके हैं और श्रद्धालुओं के बीच रथयात्रा का उत्साह चरम पर है.

4:42 PM (54 मिनट पहले)

सोने की झाड़ू से सफाई की पारंपरिक रस्म पूरी हुई

Posted by :- Naziya

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा का मुख्य अनुष्ठान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है.  पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने तीनों रथों के आगे छेरा पहरा (सोने की झाड़ू से सफाई) की पारंपरिक रस्म पूरी कर ली है. इस अनुष्ठान के संपन्न होते ही अब रथों को आगे बढ़ाया जाएगा. 

4:02 PM (एक घंटा पहले)

जगन्नाथ रथयात्रा की रस्सी खींचना

Posted by :- Megha Rustagi

भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने वाली रस्सी को शंखचूड़ का प्रतीक माना जाता है. पुराणों में इस बात का जिक्र मिलता है कि जो भी श्रद्धालु रथ की रस्सी को छूता है या उसे खींचता है, उसके जीवन के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. इसे साक्षात् मोक्ष का द्वार माना गया है. ऐसी मान्यता है कि रथ को खींचने वाला व्यक्ति सीधे प्रभु के चरणों में स्थान पाता है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति की ओर अग्रसर होता है.

Advertisement
2:24 PM (3 घंटे पहले)

जगन्नाथ रथ पहुंचा भक्तों का जनसैलाब

Posted by :- Megha Rustagi

बारिश के बावजूद पुरी के जगन्नाथ मंदिर में करीब दो लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं और भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा धूमधाम से जारी है.

 

1:52 PM (3 घंटे पहले)

भगवान जगन्नाथ क्यों जाते हैं गुंडिचा मंदिर?

Posted by :- Megha Rustagi

मूर्तियों को रथों पर विराजमान करने के बाद भव्य यात्रा शुरू होती है. तीनों भाई-बहन मुख्य मंदिर से विदा होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है. इस पावन स्थल को गुंडिचा तीर्थ या जनकपुरी के नाम से भी जाना जाता है.

1:30 PM (4 घंटे पहले)

तीन विशाल रथों पर सवार होकर निकलते हैं भाई-बहन?

Posted by :- Megha Rustagi

इस पावन यात्रा के दौरान गर्भगृह से निकलकर भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और लाडली बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं. इन तीनों रथों को पूरी तरह लकड़ी से बेहद शुद्धता के साथ तैयार किया जाता है.

नंदीघोष, भगवान जगन्नाथ का रथ, जो पीले और लाल रंग के कपड़ों से सजाया जाता है. तालध्वज, बड़े भाई बलभद्र जी का रथ, जो लाल और हरे रंग का होता है. दर्पदलन (पद्म रथ), बहन सुभद्रा का रथ, जो लाल और काले रंग के कपड़ों से सुसज्जित होता है.

12:40 PM (4 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra

Posted by :- Megha Rustagi

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भाजपा एमपी संबित पात्रा भी हुए शामिल.

 

12:37 PM (4 घंटे पहले)

हैदराबाद में भी निकलेगी रथ यात्रा

Posted by :- Megha Rustagi

तेलंगाना के हैदराबाद में भी जगन्नाथ रथ यात्रा के भव्य समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त एकत्र हुए हैं, जो कि इंदिरा पार्क से नामपल्ली तक चलेगी.

 

Advertisement
12:29 PM (5 घंटे पहले)

जगन्नाथ रथ यात्रा में पहुंचे सिंगर सोनू निगम

Posted by :- Megha Rustagi

जगन्नाथ रथ यात्रा के इस महाउत्सव पर गायक सोनू निगम भी पहुंचे हैं. सोनू निगम ने कहा कि, 'यह उनके लिए बेहद भावुक पल है. उन्होंने बताया कि वे पिछले 34 से 35 सालों से भगवान जगन्नाथ के भजन गाते आ रहे हैं, लेकिन पहले कभी पुरी आने का मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जिन चीजों का वर्णन वे अपने भजनों में करते थे, आज पहली बार उन्हें अपनी आंखों से देख रहे हैं. इस भव्य यात्रा, सजावट और भक्ति को देखकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है.'

 

12:19 PM (5 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra

Posted by :- Megha Rustagi

रथ यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पुरी पहुंचे. उन्होंने ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र और खेल एवं युवा सेवा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के साथ पुरी के गोवर्धन पीठ का दौरा किया. वहां उन्होंने शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया.

रथ यात्रा
12:04 PM (5 घंटे पहले)

सोने की झाड़ू से होती है जगन्नाथ रथ यात्रा के मार्ग की सफाई, क्यों?

Posted by :- Megha Rustagi

जगन्नाथ रथ यात्रा में सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करना आस्था और सम्मान का प्रतीक है. गजपति महाराज खुद झाड़ू लगाकर समानता और विनम्रता का संदेश देते हैं. सोना शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस परंपरा को मंगलकारी समझा जाता है और इसके दर्शन से भगवान का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.

11:50 AM (5 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra Weather

Posted by :- Megha Rustagi

बारिश के बीच भी भक्त जगन्नाथ मंदिर में इकट्ठा हुए, ताकि वे सालाना रथ यात्रा का दर्शन कर सकें, और इस बारिश ने उत्साह को और बढ़ा दिया है.

 

11:44 AM (5 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra Security

Posted by :- Megha Rustagi

रथ यात्रा में भारी संख्या में लोगों के आने को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक और सुचारु रूप से संपन्न हो सके. 

 

Advertisement
11:39 AM (5 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra

Posted by :- Megha Rustagi

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के अहमदाबाद में जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा उत्सव के मौके पर पूजा-अर्चना की.

अमित शाह
11:29 AM (6 घंटे पहले)

Jagganth Rath Yatra

Posted by :- Megha Rustagi

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां जोरों शोरों पर चल रही है

 

11:23 AM (6 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra

Posted by :- Megha Rustagi

थोड़ी ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी और लाडली सुभद्रा की रथ यात्रा शुरू होने वाली है. जिसकी रस्में हो रही हैं. 

 

11:17 AM (6 घंटे पहले)

Jagannath Rath Yatra 2026

Posted by :- Megha Rustagi

आज जगन्नाथ रथ यात्रा के मौके पर पुरी में बारिश के रूप में भगवान जगन्नाथ भक्तों पर अपना आशीर्वाद बरसा रहे हैं. पुरी में बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ. भीगी सड़कों और लगातार हो रही बारिश के बीच सुरक्षाकर्मी और आम भक्त रथों की विशाल रस्सियों को खींचने के लिए कतारों में पूरी मुस्तैदी से खड़े नजर आए.