14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं. फिर गुरु 12 अगस्त 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे. 14 जुलाई को आषाढ़ अमावस्या भी है. इस दौरान सूर्य के करीब आने के कारण गुरु की चमक कम हो जाएगी. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. मेष, कर्क और धनु राशि के जातकों को करियर, आर्थिक, शिक्षा, प्रेम और विवाह संबंधी मामलों में कुछ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आइए इन लकी राशियों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
मेष राशि
अस्त गुरु मेष राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए आय बढ़ाने के नए अवसर बन सकते हैं. लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने से राहत मिलेगी. व्यापार से जुड़े लोगों को किसी बड़े समझौते या नई डील से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं. करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और अतिरिक्त आय के स्रोत बनने के संकेत हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह समय उम्मीद से बेहतर परिणाम देने वाला रह सकता है. उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे लोगों को सफलता मिलने की संभावना प्रबल है. कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है. आर्थिक मामलों में नए अवसर सामने आएंगे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखने से सफलता की गति और तेज हो सकती है.
धनु राशि
अस्त गुरु धनु राशि वालों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. प्रेम जीवन में सुधार के संकेत हैं और अविवाहित लोगों के जीवन में मनचाहे साथी के आने की संभावना बन रही है. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुरानी चिंताओं से मुक्त रहेंगे. भाग्य का सहयोग मिलने से रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे. नौकरीपेशा महिलाओं के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रह सकता है. कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार में सम्मान भी बढ़ने के संकेत हैं.
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