Guru Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, विवाह, संतान और धन का कारक माना जाता है. गुरु का अस्त होना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक बेहद महत्वपूर्ण घटना है. जब भी कोई बड़ा ग्रह सूर्य के बेहद करीब आता है, तो वह अस्त हो जाता है. आगामी 14 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं.
आमतौर पर गुरु के अस्त होने को शुभ कार्यों (जैसे विवाह, मुंडन आदि) के लिए वर्जित माना जाता है, क्योंकि उनकी शक्ति कुछ समय के लिए कम हो जाती है. लेकिन राशि चक्र की कुछ राशियों के लिए गुरु की यह स्थिति किसी वरदान से कम नहीं साबित होगी. गुरु का अस्त होना इन राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते खोलेगा.आइए जानते हैं गुरु अस्त होने से किन भाग्यशाली राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है.
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना बेहद शुभ फलदायी रहने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. आपके काम की सराहना होगी और पदोन्नति (Promotion) के योग बनेंगे. फिजूलखर्चों पर लगाम लगेगी और बचत करने में आप सफल रहेंगे. निवेश से अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद है.
मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय मानसिक शांति और अटके हुए कामों को पूरा करने वाला रहेगा. परिवार में चल रहे आपसी मतभेद समाप्त होंगे और सुख-शांति का माहौल रहेगा. व्यापारियों के लिए कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. जो लोग नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल है.
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना आर्थिक और सामाजिक रूप से लाभ पहुंचाएगा. समाज में आपका कद बढ़ेगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिससे लोग आपकी सलाह लेंगे. पैतृक संपत्ति या पुराने किए गए निवेश से अचानक बड़ा धन लाभ होने के योग बन रहे हैं.
धनु राशि (Sagittarius)
चूंकि गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका अस्त होना आपके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव लाएगा. यदि आप लंबे समय से किसी कानूनी विवाद या कर्ज की समस्या से परेशान थे, तो उससे राहत मिलने का समय आ गया है. स्वास्थ्य से जुड़ी पुरानी समस्याओं में सुधार देखने को मिलेगा. मानसिक तनाव काफी हद तक कम होगा.
शुभ फल बढ़ाने के उपाय
गुरु के अस्त काल के दौरान सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हर गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें, माथे पर केसर का तिलक लगाएं और केले के वृक्ष में जल अर्पित करें.
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