Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी कब है? जानें इस दिन क्या करें और क्या नहीं

25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है. इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ हो जाएगा. कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और फिर सृष्टि का संचालन अगले चार महीने भगवान शिव ही करते हैं.

Advertisement
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. (Photo: ITG) देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

इस साल देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को आने वाली है. इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ हो जाएगा. देवशयनी एकादशी की हिंदू धर्म में विशेष मान्यता है. कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और फिर सृष्टि का संचालन अगले चार महीने भगवान शिव ही करते हैं. इन चार महीनों में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि देवशयनी एकादशी पर किन नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है और इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

Advertisement

देवशयनी एकादशी पर क्या न करें?

1.  दिन घर में लहसुन, प्याज, मांसाहार और अन्य तामसिक भोजन बनाने या घर लाने से बचें. सात्विक भोजन और शुद्ध वातावरण बनाए रखें.

2. घर में अनावश्यक विवाद, क्रोध और कटु वचन बोलने से बचें. परिवार में शांत और सकारात्मक माहौल बनाए रखें.

3. इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें. यदि भगवान विष्णु को तुलसी दल का भोग लगाना चाहते हैं तो एक दिन पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लें.

4. मन में बुरे विचार न लाएं. किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें.

5. पूजा में केवल स्वच्छ और शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें. बासी या अशुद्ध सामग्री का प्रयोग न करें.

देवशयनी एकादशी पर क्या करें?

1. ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और दिन की शुरुआत भगवान विष्णु के स्मरण से करें.

Advertisement

2. भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के फूल, पीले फल, पीली मिठाई, तुलसी दल और अन्य शुभ सामग्री अर्पित करना शुभ माना जाता है.

3. इस दिन एक छोटे गमले में केले का पौधा लगाएं और उसे घर की उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में स्थापित करें. केले के पौधे की रोली, मौली, केसर, पीले फूल धूप और दीप से श्रद्धापूर्वक पूजा करें. फिर भगवान विष्णु का स्मरण करें. पूजा पूरी होने के बाद केले के पौधे को किसी भगवान विष्णु या भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर में श्रद्धापूर्वक स्थापित कर दें.

4. देवशयनी एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें. यदि संभव हो तो परिवार के सभी सदस्यों को भी कथा सुनाएं और भगवान श्रीकृष्ण के 108 नामों का जाप करें.

5. देवशयनी एकादशी के दिन पीली चीजों का दान करें. इस दिन संध्या काल में पीली वस्तुएं, पीले फल, पीले वस्त्र, जल या सामर्थ्य के अनुसार धन का दान भी कर सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »