कल आषाढ़ माह की अमावस्या है. इसे आषाढ़ी अमावस्या भी कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या तिथि पर सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में रहते हैं. इस बार आषाढ़ अमावस्या पर सूर्य और चंद्रमा मिथुन राशि में एकसाथ मौजूद रहेंगे. ज्योतिष में इस स्थिति को शुभ नहीं माना जाता है. इस दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक रहता है. मन और आत्मबल के बीच संतुलन बनाने में भी मुश्किल होती है. दूसरा, अगले ही दिन यानी 15 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति भी अस्त होने वाले हैं. ये दुर्लभ संयोग कुछ राशियों को धन और करियर से जुड़े मामलों में दिक्कत दे सकता है. आइए जानते हैं.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए आषाढ़ अमावस्या के आस-पास स्वास्थ्य, यात्रा और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपकी बात का गलत अर्थ निकाला जा सकता है, जिससे तनाव बढ़ने की संभावना रहेगी. भविष्य की चिंता में जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान का कारण बन सकता है. इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले शांत मन से स्थिति का आकलन करना बेहतर रहेगा.
मकर राशि
मकर राशि के लोगों को इस समय रिश्तों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. चंद्रमा के दुर्बल होने से सही और गलत का निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है. गलतफहमियों से बचने के लिए खुलकर बातचीत करना जरूरी रहेगा. पार्टनरशिप से जुड़े किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी पहलुओं की अच्छी तरह जांच कर लें. जल्दबाजी परिवार और आर्थिक मामलों में परेशानी बढ़ा सकती है.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के सामने आर्थिक निवेश या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई आकर्षक प्रस्ताव आ सकता है. हालांकि केवल अच्छे ऑफर को देखकर फैसला लेना उचित नहीं होगा. किसी भी निवेश से पहले दस्तावेजों, वैधता और सभी जरूरी तथ्यों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें. छोटी-सी लापरवाही भविष्य में आर्थिक नुकसान या धोखाधड़ी की वजह बन सकती है.
क्या करें उपाय?
आषाढ़ अमावस्या के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना गया है. मन को शांत रखने के लिए गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है. इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है. मान्यता है कि ये उपाय मन को स्थिर रखने, सही निर्णय लेने और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहने में सहायक हो सकते हैं.
aajtak.in