11 लाख का कर्ज और बेटे का शव.. झुंझुनू में NEET पीड़ित प्रदीप के घर पहुंचे सचिन पायलट, धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में NEET 2026 पेपर लीक से आहत होकर सुसाइड करने वाले मेधावी दलित छात्र प्रदीप मेघवाल के घर रविवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार का दर्द साझा किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला.

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सचिन पायलट ने घर पहुंचकर साझा किया दर्द.(Photo:ITG) सचिन पायलट ने घर पहुंचकर साझा किया दर्द.(Photo:ITG)

शरत कुमार

  • झुंझुनू/जयपुर,
  • 24 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

राजस्थान के झुंझुनू जिले के गुढ़ा गौड़जी में माहौल बेहद गमगीन है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट NEET-2026 परीक्षा के बाद सुसाइड करने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल के घर पहुंचे. पायलट ने प्रदीप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके माता-पिता से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.

पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि देश के 22 लाख विद्यार्थियों के सपनों के साथ किया गया एक जघन्य अपराध है. उन्होंने कहा कि एक गरीब पिता कर्ज लेकर बच्चे को पढ़ाता है और जब भ्रष्टाचार की वजह से मेहनत पर पानी फिरता है, तो युवा टूटने को मजबूर हो जाता है.

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'बेटे के नंबर अच्छे थे' 
प्रदीप के पिता ने नम आंखों से सचिन पायलट को बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए 11 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे कोचिंग के लिए सीकर भेजा था.

NEET परीक्षा देकर जब प्रदीप घर लौटा, तो उसने अपने नंबर जोड़े थे. उसका पेपर बहुत अच्छा गया था और उसे पूरा भरोसा था कि वह डॉक्टर बन जाएगा.

पेपर लीक का सदमा
जैसे ही परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक होने की खबरें आईं, प्रदीप अंदर से टूट गया और उसने मौत को गले लगा लिया. देखें एक VIDEO:- 

सचिन पायलट बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
पायलट ने केंद्र सरकार और एनटीए (NTA) पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देना बंद करे. पायलट ने मांग की कि इस महाघोटाले और प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.

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उन्होंने आरोप लगाया कि यह करोड़ों रुपयों का एक सुनियोजित खेल है. जब पहली बार गड़बड़ी सामने आई, तो सरकार ने एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों की?

मगरमच्छों को बचाने का प्रयास
पायलट ने कहा कि सरकार केवल दिखावे की कार्रवाई कर रही है, जबकि असली सरगना और 'बड़े मगरमच्छों' को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.

राहुल गांधी ने फोन पर की बात 
सचिन पायलट के दौरे से पहले NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की फोन पर प्रदीप के परिजनों से बात करवाई.

राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार का दुख साझा किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाएंगे ताकि किसी और 'प्रदीप' को अपनी जान न गंवानी पड़े.

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