राजस्थान में इस समय मौसम के पारे के साथ-साथ सियासत का पारा भी बेहद गर्म है. सूबे के दो मंत्रियों की बदसलूकी और संवेदनशीलता की कमी के मामले सामने आने के बाद भजनलाल सरकार विपक्ष और जनता के निशाने पर आ गई है. एक तरफ जहां सहकारिता मंत्री गौतम दक पर पुलिसकर्मी को भद्दी गालियां देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है, वहीं दूसरी तरफ वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का पुलिस कांस्टेबल को हड़काने का वीडियो वायरल हो गया है.
दरअसल, राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक एक वायरल ऑडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं. दावा किया जा रहा है कि मंत्री ने चित्तौड़गढ़ के डूंगला थाने में एक कांस्टेबल को जमकर गालियां दीं. आरोप है कि मंत्री अपने एक कार्यकर्ता के घर पुलिस पहुंचने और कथित तौर पर पैसे मांगने की शिकायत से नाराज थे. इसके बाद मंत्री सीधे थाने पहुंच गए और वहां मौजूद कांस्टेबल को सबके सामने जमकर खरी-खोटी सुनाई.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो को लेकर दावा है कि मंत्री ने महज 3 मिनट की बातचीत में लगातार 17 बार भद्दी गालियां दीं. मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिसकर्मियों को गाली देने के आरोप में मंत्री गौतम दक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. हालांकि मंत्री ने सफाई देते हुए कहा है कि वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है और यह व्हाट्सएप पर फैलाया गया एडिटेड क्लिप हो सकता है.
पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का कांस्टेबल को 'ज्ञान'
दूसरा मामला राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा से जुड़ा है, जो सीकर में अपने ही काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी के ड्राइवर (कांस्टेबल हरीश) पर तमतमाते नजर आए. वायरल वीडियो में मंत्री यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि 'कितने बड़े आदमी हो आप, बिना एसी नहीं रह सकते? पीएम-सीएम तो आह्वान कर रहे हैं कि डीजल बचाओ.' उन्होंने कांस्टेबल का नाम तक नोट कराने की बात कही और डीजल बचाने की नसीहत दी.
हैरानी की बात यह है कि जब बाहर का तापमान 45 डिग्री के पार था और ड्राइवर ने मंत्री जी के आने की आहट पाकर गाड़ी स्टार्ट कर एसी चलाया था, तब मंत्री को डीजल बचाने का 'पर्यावरण ज्ञान' याद आ गया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुद मंत्री जी जिस कमरे के भीतर बैठक ले रहे थे, वहां 6-6 एसी और 12 पंखे चल रहे थे.
इन दोनों घटनाओं के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सत्ता में आने के बाद मंत्री संवेदनशीलता और मर्यादा भूल रहे हैं? सोशल मीडिया पर भी लोग मंत्रियों के रवैये की आलोचना कर रहे हैं और सरकारी कर्मचारियों के सम्मान की बात उठा रहे हैं.
आजतक ब्यूरो