NEET Re-Exam: अंडरगारमेंट्स में मोबाइल ले जाने वाली छात्रा भेजी गई जेल

जयपुर में NEET-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान एक छात्रा मोबाइल से नकल करते हुए पकड़ी गई. पुलिस के अनुसार उसने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में छिपाकर परीक्षा केंद्र में पहुंचाया था और AI की मदद से सवालों के जवाब खोजने की योजना बनाई थी. मोबाइल में प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी मिली हैं, हालांकि जैमर के कारण वे बाहर नहीं भेजी जा सकीं. छात्रा को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.

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छात्रा AI से सवाल हल करना चाहती थी. Photo ITG छात्रा AI से सवाल हल करना चाहती थी. Photo ITG

विशाल शर्मा

  • जयपुर,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

जयपुर में NEET-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान ऐसा मामला सामने आया जिसने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अंडरगारमेंट्स में छुपाया गया मोबाइल, AI से जवाब खोजने की कोशिश और प्रश्नपत्र की तस्वीरें, इन तीनों कड़ियों ने पूरे मामले को बेहद सनसनीखेज बना दिया है. रविवार को बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र में एक छात्रा को परीक्षा के दौरान मोबाइल से चीटिंग करते हुए पकड़ा गया था. सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. कोर्ट से बाहर निकलते समय छात्रा चेहरा छुपाती भी नजर आई, क्योंकि उसकी इस करतूत से ना सिर्फ वो शर्मिंदा है बल्कि सिस्टम भी चकमा खा गया.

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पुलिस के अनुसार, परीक्षा हॉल में मौजूद शिक्षकों को छात्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. जांच करने पर उसके पास मोबाइल मिला. पूछताछ में सामने आया कि छात्रा ने मोबाइल को शर्ट के बटन के नीचे अंडरगारमेंट्स में छुपाकर रखा था, ताकि सुरक्षा जांच से बचा जा सके. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह परीक्षा के दौरान AI की मदद से सवालों के जवाब खोजने के इरादे से मोबाइल लेकर आई थी. 

हालांकि परीक्षा केंद्र के आसपास सक्रिय जैमर उसकी योजना पर भारी पड़ गए. प्रारंभिक जांच में मोबाइल से NEET प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी मिलने की बात सामने आई है, लेकिन जैमर के कारण वे तस्वीरें बाहर नहीं भेजी जा सकीं.

डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल का उपयोग केवल उत्तर खोजने के लिए किया गया था या फिर प्रश्नपत्र की जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचाने की भी कोशिश की गई थी. अब इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू फॉरेंसिक जांच होगी. 

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दो बार मेटल डिटेक्टर ने अलर्ट दिया
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान दो बार मेटल डिटेक्टर ने अलर्ट दिया था. छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि अलर्ट अंडरगारमेंट्स में लगे हुक की वजह से आ रहा है. इस जवाब के बाद उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा और मेटल डिटेक्टर जांच के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के अलावा परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की है.

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