जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मौत के मामले में नए सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. पिछले साल 1 नवंबर 2025 को स्कूल की चौथी मंजिल से गिरने से अमायरा की मौत हो गई थी. अब बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि जिस बेटी को ऊंचाई से बहुत डर लगता था, वह अचानक चौथी मंजिल से कैसे कूद सकती है. उनका कहना है कि घटना से पहले अमायरा लगातार मदद मांग रही थी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी.
अमायरा की मां शिवानी ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन एक छात्र ने पूरी 55 मिनट तक उनकी बेटी को परेशान किया. उनके मुताबिक वह छात्र अमायरा के आगे बैठा था. अमायरा उसे बार-बार बोर्ड की तरफ देखने के लिए कह रही थी क्योंकि वह पढ़ाई में फोकस थी और क्लास में ध्यान से बैठी रहती थी.
55 मिनट तक होती रही बुलिंग आमायरा
मां का दावा है कि लगातार बुलिंग झेलने के बाद अमायरा पांच बार अपनी क्लास टीचर के पास गई. हर बार उसने हाथ जोड़कर अपनी बात समझाने की कोशिश की. वह बार-बार कह रही थी कि उसने कुछ गलत नहीं किया है. इसके बावजूद टीचर ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे ही घेर लिया. वह लगातार मदद मांग रही थी पर उसे लगातार नजर अंदाज किया जाता रहा.
शिवानी का आरोप है कि उनकी बेटी लगातार ऐसे संकेत दे रही थी, जिससे साफ लग रहा था कि वह मानसिक दबाव में है. उन्होंने कहा कि अमायरा बार-बार अपना हाथ माथे पर रख रही थी, जो किसी बच्चे के गहरे तनाव में होने का संकेत हो सकता है. उनका आरोप है कि क्लास टीचर ने इन संकेतों को समझने की कोशिश नहीं की. मां ने यह भी दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में टीचर पढ़ाने के बजाय डिजिटल डिवाइस पर व्यस्त दिखाई दे रही हैं. उनके अनुसार, टीचर उसी डिवाइस पर ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट देख रही थीं. उन्होंने कहा कि उनके पास इससे जुड़े दृश्य भी मौजूद हैं.
अमायरा की मां का कहना है कि पांच बार टीचर के पास जाकर मदद मांगना किसी भी बच्चे के लिए आसान नहीं होता. उनका आरोप है कि हर बार अमायरा को नजरअंदाज किया गया. इससे उसका भरोसा टूट गया. साथ ही उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि अमायरा तेज कदमों से क्लास से बाहर निकलती है और दरवाजा बंद कर देती है. इसके बाद न तो कोई शिक्षक उसके पीछे गया और न ही किसी छात्र ने उसे रोकने की कोशिश की.
माता-पिता ने टीचर पर लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजकर 28 मिनट पर अमायरा चौथी मंजिल से कूदी. उनका आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के चार मिनट बाद भी क्लास टीचर बाहर जाने के बजाय कॉपियां जांचने लगीं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस समय बच्ची की तलाश या उसकी मदद के लिए तुरंत कदम क्यों नहीं उठाए गए. अमायरा के पिता विजय मीणा ने आरोप लगाया कि घटना के बाद करीब 50 मिनट तक स्कूल को यह तक पता नहीं चल पाया कि अमायरा कहां है. उनका दावा है कि क्लास टीचर लगातार यह दिखाती रहीं कि क्लास से कोई बच्चा गायब नहीं है. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही का मामला है.
विजय मीणा ने बताया कि घटना वाले दिन अमायरा बिल्कुल सामान्य और खुश थी. वह सबसे पहले क्लास पहुंची थी और अपनी एक सहेली का खुले दिल से स्वागत किया था. इसलिए परिवार का कहना है कि स्कूल पहुंचने से पहले उसकी मानसिक स्थिति सामान्य थी. माता-पिता का कहना है कि अमायरा को ऊंचाई से बहुत डर लगता था. ऐसे में उनके लिए यह मानना मुश्किल है कि वह खुद चौथी मंजिल से छलांग लगा सकती है. उनका कहना है कि नए सीसीटीवी फुटेज ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है.
सीसीटीवी फुटेज के बाद फिर तेज हुई न्याय की मांग
परिवार का आरोप है कि अगर समय रहते टीचर ने अमायरा की बात सुनी होती, उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया होता और उसके व्यवहार में आए बदलाव को समझा होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था. अमायरा के पिता विजय मीणा लगातार मामले में न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि घटना वाले दिन स्कूल में क्या हुआ और बच्ची की मदद के संकेतों को क्यों नजरअंदाज किया गया.
शरत कुमार