मकान की EMI भरने के लिए 'अंकल' का मर्डर, अलवर में बुजुर्ग की हत्या का 12 घंटे में खुलासा

अलवर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग दिनेशचंद्र अग्रवाल की हत्या के मामले का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया. पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी को मकान की ईएमआई भरने के लिए पैसों की जरूरत थी. उसने साथियों के साथ लूट की योजना बनाई. वारदात के दौरान बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए, जिससे उनकी मौत हो गई.

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लूट के बाद बुजुर्ग की हत्या. (Photo: Representational) लूट के बाद बुजुर्ग की हत्या. (Photo: Representational)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:10 PM IST

राजस्थान के अलवर शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग दिनेशचंद्र अग्रवाल की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे में खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को डिटेन किया है, जबकि दो नाबालिगों की भूमिका भी सामने आई है. एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी करण को अपने मकान की ईएमआई भरनी थी, लेकिन उसके पास पैसों की व्यवस्था नहीं थी. इसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई. सभी आरोपी पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग दिनेशचंद्र अग्रवाल के घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया.

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अलवर के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि दिनेशचंद्र अग्रवाल अकेले रहते हैं और पुराने नोट व सिक्कों का कारोबार करते हैं. इसी जानकारी के आधार पर पांच लोगों ने देर रात उनके घर में लूटपाट की योजना बनाई. पुलिस के अनुसार आरोपी घर के पीछे से अंदर दाखिल हुए. उस समय बुजुर्ग सो रहे थे. आरोपियों का उद्देश्य केवल लूटपाट करना था, लेकिन चोरी के दौरान बुजुर्ग की नींद खुल गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह भी कपड़े से बांध दिया. दम घुटने से उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपी नकदी और सिक्के लेकर फरार हो गए.

मृतक के पुत्र विकास कुमार अग्रवाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि उनके पिता पुराने मकान में अकेले रहते थे और रोजाना उनके घर खाना खाने आते थे. गुरुवार रात जब वह भोजन के लिए नहीं पहुंचे तो उन्होंने फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. इसके बाद वह पिता के पुराने मकान पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था. दूसरी चाबी से दरवाजा खोलने पर उन्होंने देखा कि उनके पिता के हाथ-पैर और मुंह कपड़े से बंधे हुए थे. कपड़ा हटाने पर पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

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हाथ-पैर और मुंह बांधने से दम घुटा

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और वृत्ताधिकारी अंगद शर्मा के नेतृत्व में कोतवाली थाना, डीएसटी, साइबर सेल, एफएसएल, एमओबी और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने लगातार 12 घंटे तक बिना रुके जांच की. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें डिटेन कर लिया गया.

पुलिस ने करण पुत्र रामजीलाल, निवासी दारूकूटा मोहल्ला और तेजू उर्फ तेजपाल पुत्र अशोक, निवासी मालवीय नगर को डिटेन किया है. पुलिस के अनुसार दोनों की उम्र 20 वर्ष है. जांच में सामने आया कि आरोपी बड़ी मात्रा में सिक्के और कुछ नकदी लेकर भागे थे. पुलिस के अनुसार प्रत्येक आरोपी के हिस्से में करीब चार से पांच हजार रुपये आए. इसके अलावा आरोपियों ने करीब 1800 से 2000 रुपये के सिक्के भी बाजार में चला दिए. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये सिक्के कहां और किसे दिए गए.

पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट किया

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि कुछ आरोपी उसी मोहल्ले के रहने वाले हैं और मृतक को अंकल कहकर बुलाते थे. वे पहले से उन्हें जानते थे. पुलिस आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है. दो नाबालिगों की भूमिका भी सामने आई है और उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. एसपी ने बताया कि इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया जाएगा ताकि आरोपियों को जल्द सजा दिलाई जा सके. इसके साथ ही अलवर में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा.

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