पश्चिम बंगाल के लोक भवन में 'पोइला बैसाख' के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था. अपने संबोधन में राज्यपाल रविंद्र नारायण रवि ने त्योहार को महज उत्सव नहीं, बल्कि चिंतन और 'परिवर्तन' के संकल्प का अवसर बताया - और पश्चिम बंगाल के युवाओं से 'परिवर्तन' की अपील कर डाली.
भला ऐसी अपील मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बर्दाश्त भी कैसे हो पाती. मौजूदा राज्यपाल से पहले वाले सीवी आनंद बोस और उनसे पहले जगदीप धनखड़ से भी ममता बनर्जी की ठनी रहती थी, आरएन रवि ने भी परिवर्तन की बात बोलकर तृणमूल कांग्रेस नेता को हमले का मौका दे दिया.
राज्यपाल के बयान पर ममता बनर्जी ने उत्तरी दिनाजपुर के इस्लामपुर में एक चुनावी रैली में कड़ी प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आलीशान महल में रहने वाला 'लाटसाहब' बताया - और उनको गाली देने जैसा गंभीर इल्जाम भी लगाया.
लोक भवन से बंगाल में परिवर्तन की अपील
पश्चिम बंगाल के युवाओं से खास अपील करते हुए राज्यपाल आरएन रवि ने कहा, पोइला बैसाख संकल्प लेने का दिन है... मैं बंगाल के अपने युवा दोस्तों से आग्रह करता हूं... सकारात्मक रहने का संकल्प लें, बदलाव का हिस्सा बनने का संकल्प लें... निराशा कोई विकल्प नहीं है, हमें बंगाल की खोई हुई शान वापस लानी होगी.
1. गवर्नर आरएन रवि ने बताया कि एक दौर था जब देश के कुल जीडीपी में पश्चिम बंगाल का योगदान 10 फीसदी से ज्यादा हुआ करता था. बोले, जीडीपी में हमारा हिस्सा 10.6 फीसदी से घटकर अब सिर्फ 5 फीसदी रह गया है.
2. राज्यपाल ने कहा, हमारे देश में 5.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड और चालू MSME हैं. इसमें हमारा हिस्सा कितना है? जैसा कि डेटा दिखाता है, हमारे यहां सिर्फ 3 लाख रजिस्टर्ड MSME हैं... दुर्भाग्य से, यह दुखद स्थिति है.
3. यह बौद्धिक रूप से जीवंत लोगों की धरती है... लेकिन आज स्कूलों और कॉलेजों में हमारा सकल नामांकन अनुपात (GER) भी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे पहुंच चुका है.
ममता बनर्जी ने लगाया अपमान का आरोप
उत्तरी दिनाजपुर के इस्लामपुर में तृणमूल कांग्रेस की रैली में ममता बनर्जी राज्यपाल आरएन रवि पर खूब बरसीं. बोलीं, 'उन्होंने मेरे को गाली दिया.'
ममता बनर्जी ने कहा, मैं उनका नाम नहीं लेना चाहती. बंगाल के 'लाटसाहब', आलीशान महल में रहते हैं... उन्होंने एक बयान जारी करके मेरा अपमान किया है... इस नए साल पर, वे पूरे बंगाल के लिए शुभकामनाएं दे सकते थे, लेकिन उसके बजाय, उन्होंने मेरी बुराई की.
पश्चिम बंगाल की हिंसक घटनाओं को लेकर ममता बनर्जी ने कहा, पहले इतनी हिंसा नहीं होती थी. अब, जब प्रशासन आपके अधीन है, तो हर दिन हिंसा हो रही है... क्या यह भारत के चुनाव आयोग की गलती नहीं है? अब प्रशासन पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है... सारा पावर आयोग और केंद्र सरकार के पास है.
ममता बनर्जी का इशारा मोथाबाड़ी की घटना की तरफ था, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 8 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था. पुलिस-प्रशासन पर आरोप है कि उसने कुछ नहीं किया. मामला सुप्रीम कोर्ट गया, और एनआईए जांच के आदेश दिए गए हैं.
कैसे परिवर्तन की बात कर रहे हैं राज्यपाल
राज्यपाल आरएन रवि के पश्चिम बंगाल में कार्यभार संभालने के दिन ममता बनर्जी भी वहां मौजूद थीं. उस दिन ममता बनर्जी ने कहा था, ‘जो लोग बंगाल को प्यार करते हैं, बंगाल भी उन्हें प्यार करता है.’
शुरुआती दौर में सीवी आनंद बोस और ममता बनर्जी दोनों ही के मुंह से एक दूसरे के लिए तारीफ सुनने को मिलती थी. लेकिन, बाद में रिश्ता बिगड़ गया. सीवी आनंद बोस भी ममता बनर्जी के खिलाफ जगदीप धनखड़ जैसा ही व्यवहार करने लगे थे. सीवी आनंद बोस के बारे में ममता बनर्जी के मुंह से कुछ अच्छा सिर्फ उस दिन सुनने को मिला था, जब उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था.
राज्यपाल आरएन रवि भी चुनावी माहौल में परिवर्तन का नारा देकर नई मुसीबत मोल ली है. पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का नारा बेहद असरदार माना जाता है. 2011 में ममता बनर्जी ने बंगाल में परिवर्तन का नारा दिया था, और वाम मोर्चा को सत्ता से बेदखल कर मुख्यमंत्री बन गईं. 2021 से बीजेपी भी जोर जोर से परिवर्तन का नारा लगा रही है, लेकिन मामला अब भी अटका हुआ है.
बीजेपी तो पश्चिम बंगाल में 15 दिन की परिवर्तन यात्रा भी निकाल चुकी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी शामिल हो चुके हैं. पश्चिम बंगाल में चल रहे मांस-मछली विवाद के बीच निकाली गई इस यात्रा को लेकर टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बीजेपी नेताओं का अच्छे से स्वागत करने की सलाह दी थी. अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि जब उनके आस पास से परिवर्तन यात्रा के साथ बीजेपी नेता गुजर रहे हों, तो वे उनका स्वागत अंडा और मछली से करें.
कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में ममता बनर्जी सरकार के 15 साल के कामकाज पर चार्जशीट मीडिया के सामने रखी. अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, सोनार बांग्ला के लिए 15 साल पहले जनता ने परिवर्तन किया था, लेकिन आज जनता कह रही है हमसे धोखा किया गया... हमारी सीट की संख्या लगातार बढ़ रही है, चुनाव दर चुनाव. पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार ये तय किया है कि परिवर्तन पश्चिम बंगाल में होकर रहेगा.
बीजेपी की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे थे, बीरभूम की ऐतिहासिक धरती ने संथाल क्रांति को ऊर्जा दी थी... आज उसी बीरभूम में परिवर्तन की आंधी नजर आ रही है... मेरे सामने ये विशाल जनसागर परिवर्तन की घोषणा कर रहा है.
ममता बनर्जी अब राज्यपाल के बयान को गाली बताएं या फिर अपमानजनक बताएं, गवर्नर आरएन रवि की युवाओं से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन लाने की अपील और मोदी-शाह के बंगाल में परिवर्तन के नारे को फर्क करना मुश्किल तो है ही.
मृगांक शेखर