ओडिशा के बरगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर कथित तौर पर उसके ही दोस्त ने हमला कर दिया और उसे मृत समझकर एक सुनसान कुएं में फेंक दिया. हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. गंभीर रूप से घायल युवक चार दिनों तक कुएं में फंसा रहा और आखिरकार उसकी मदद की पुकार सुनकर ग्रामीणों ने उसे जिंदा बाहर निकाल लिया.
दोस्त ने हमला किया, मरा समझकर फेंका
घटना बीजेपुर ब्लॉक के समलईपदार गांव स्थित एक नर्सरी कैंपस की बताई जा रही है. घायल युवक की पहचान पदमपुर उपखंड के पुरेना गांव निवासी तुलसीराम बरिहा के रूप में हुई है.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब तीन बजे तुलसीराम पर उसके एक दोस्त ने कथित रूप से हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपी को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है. इसके बाद उसने कथित तौर पर तुलसीराम को एक सुनसान और परित्यक्त कुएं में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया.
पानी में खड़ा कराह रहा था भगवान- भगवान
इधर, तुलसीराम के लापता होने के बाद परिजन और स्थानीय लोग उसकी तलाश में जुटे हुए थे. दूसरी ओर घायल युवक कुएं के अंदर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था. बताया जा रहा है कि उसने बिना भोजन और पीने के पानी के करीब चार दिन किसी तरह गुजारे. गंभीर चोटों के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और जरा गहरे पानी में खड़ा रहकर लगातार मदद के लिए आवाज लगाता रहा. वह भगवान- भगवान कर रहा था. पानी में उसके पैर मानो सड़ चुके थे.
घटना ने गुरुवार को नाटकीय मोड़ लिया. गांव के बिहारी मलिक नामक एक व्यक्ति नर्सरी क्षेत्र में लकड़ियां बीनने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें कुएं की दिशा से धीमी आवाज सुनाई दी. पास जाकर देखने पर उन्हें एक व्यक्ति अंदर फंसा मिला, जो बार-बार “भगवान, भगवान” कहकर मदद की गुहार लगा रहा था.
चार दिन बार किसी ने सुनी आवाज तो...
बिहारी मलिक तुरंत गांव पहुंचे और लोगों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया और काफी मशक्कत के बाद तुलसीराम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है. पुलिस ने पीड़ित के प्रारंभिक बयान और जांच के आधार पर आरोपी दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस हमले के पीछे की वजह और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है.
अजय कुमार नाथ