ओडिशा सरकार ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के 26 जिलों की 64 जगहों की अंग्रेजी स्पेलिंग बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. ये फैसला मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर बुलाई गई विशेष बैठक में लिया गया.
न्यूज एंजेसी पीटीआई के मुताबिक राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि ओडिशा की कई जगहों के नाम अभी भी सरकारी अंग्रेजी रिकॉर्ड में गलत लिखे जाते हैं. ये नाम अंग्रेजों के समय से चले आ रहे हैं. उदाहरण के लिए, बालेश्वर को बालासोर और आली को औल लिखा जाता था.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का मानना है कि ये पुराने नाम ओडिया भाषा के सही उच्चारण से मेल नहीं खाते है. इससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान पर बुरा असर पड़ता है. इसी वजह से इन गलतियों को सुधारकर असली ओडिया नामों को वापस लाने का फैसला किया गया है, ताकि राज्य की भाषाई और ऐतिहासिक विरासत को बचाया जा सके.
कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा बजट पास...
इसी बैठक में राज्य के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया गया. कैबिनेट ने काफी समय से बंद पड़ी सहकारी कताई मिलों और पावर लूम का बकाया कर्ज चुकाने के लिए 361 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है.
पहले चरण में सरकार वन-टाइम सेटलमेंट के तहत 200 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी, ताकि इन बंद पड़ी यूनिट्स का हिसाब खत्म हो सके. इस कदम से राज्य में नए कपड़ा और गारमेंट उद्योगों के खुलने का रास्ता साफ होगा. इससे लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
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