कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे ट्विशा के पति को पुलिस ने हिरासत में लिया, साथ ले गई भोपाल

समर्थ सिंह करीब 10 दिन से फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. शुक्रवार को ही समर्थ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में तुंरत सरेंडर करने की बात कहते हुए अपनी अग्रिम जमानत की याचिका भी वापस लेने की बात कही. इस पर हाईकोर्ट ने उसे सरेंडर करने की अनुमति दे दी.

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ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी. (Photo- ITG) ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी. (Photo- ITG)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:32 PM IST

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत परिसर छावनी में तब्दील हो गया. 10 दिनों से फरार चल रहा ट्विशा का पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह भारी ड्रामे के बीच आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया. इस दौरान अदालत परिसर में वकीलों के बीच धक्का-मुक्की हुई और मीडियाकर्मियों के तीखे सवालों का सामना करते हुए आरोपी को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया.

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दरअसल, समर्थ सिंह करीब 10 दिन से फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. शुक्रवार को ही समर्थ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में तुंरत सरेंडर करने की बात कहते हुए अपनी अग्रिम जमानत की याचिका भी वापस लेने की बात कही. 

इस पर हाईकोर्ट ने समर्थ को ट्रायल कोर्ट या कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी (IO) के समक्ष सरेंडर करने की अनुमति दे दी. लेकिन कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर समर्थ जबलपुर जिला अदालत पहुंच गया. हालांकि जिला कोर्ट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने समर्थ सिंह को एक कोर्ट रूम के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में ढूंढ निकाला.

एडवोकेट श्रीवास्तव ने आरोप लगाते हुए मीडिया से कहा, 'मैं किसी अन्य मामले के सिलसिले में वहां से गुजर रहा था, तभी मैंने एक कोर्ट रूम का दरवाजा खोला. वहां अंदर पूरी तरह अंधेरा था, सारी लाइटें बंद थीं और समर्थ सिंह चेहरे पर मास्क लगाकर आराम से बैठा हुआ था.'

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उन्होंने आगे कहा कि वहां जज मौजूद नहीं थे, केवल तीन क्लर्क थे. जब मैंने उनसे पूछा कि इसे (समर्थ) यहां किस हैसियत से बैठाया गया है, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था. मुझे देखते ही समर्थ भागने लगा और उसके वकीलों ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की. इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व जज के बेटे को वीआईपी ट्रीटमेंट देने और बचाने की कोशिश की जा रही है. 

उधर, समर्थ जबलपुर कोर्ट में पुलिस को छकाने के लिए एक कोर्ट रूम से दूसरे कोर्ट रूम में भागता रहा. जब उसे कस्टडी में लेकर बाहर निकाला जा रहा था, तब मीडियाकर्मियों ने उसे घेर लिया. पत्रकारों ने उससे कई बार सवाल पूछे लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. कोर्ट से जबलपुर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और कागजी कार्रवाई के बाद उसे भोपाल पुलिस को सौंपने के लिए भोपाल ले जाया गया.

दोबारा पोस्टमॉर्टम की भी मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा के पिता की याचिका को स्वीकार करते हुए मृतका का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की इजाजत दे दी है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की एक विशेष टीम को इसके लिए भोपाल एयरलिफ्ट किया जाए. इससे पहले भोपाल की एक निचली अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग को खारिज कर दिया था.

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इस दौरान हाईकोर्ट में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग को लेकर तीखी बहस देखने को मिली. याचिकाकर्ता की तरफ से जहां दूसरे पोस्टमार्टम की जरूरत पर जोर दिया गया, तो वहीं दूसरी तरफ दूसरे पक्ष के वकील ने इसका कड़ा विरोध किया. 

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की तरफ से पेश हुए वकील ने दूसरे पोस्टमॉर्टम कराने की मांग का विरोध करते हुए दलील दी कि AIIMS के डॉक्टरों द्वारा पोस्टमॉर्टम पहले ही किया जा चुका है और इसलिए एक और जांच की क्या ज़रूरत है? उन्होंने कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करना चिकित्सा बिरादरी का अपमान है. यह मांग जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और डॉक्टरों की क्षमता पर अविश्वास जताने जैसा है. 

अंतिम संस्कार में किसी भी तरह की देरी का विरोध करते हुए गिरिबाला सिंह के वकील ने यह भी दलील दी कि शव को सड़ने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए. वकील ने कहा, 'वह हमारे परिवार की बहू थी. उसका अंतिम संस्कार करना हमारा फर्ज है.'

वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पहले पोस्टमार्टम का बचाव करते किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि किसी बात को नजरअंदाज किया गया है, तो दूसरी राय ली जा सकती है. उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों की निष्पक्षता बेमिसाल है, लेकिन अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि कुछ छूट गया है, तो दूसरी राय ली जा सकती है.'

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अब CBI करेगी मामले की जांच

इसी बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की आधिकारिक सिफारिश कर दी है. गृह विभाग की सचिव कृष्णवेणी देशवातु द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस मामले के मूल अपराध, साजिश और उकसावे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अब सीबीआई करेगी.

गौरतलब है कि 33 वर्षीय मॉडल ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने घर में मृत पाई गई थीं. परिवार का आरोप है कि दहेज के लिए प्रताड़ित कर उसकी हत्या की गई है, जबकि ससुराल पक्ष इसे ड्रग्स की लत के कारण की गई आत्महत्या बता रहा है. अब सीबीआई जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस रहस्यमयी मौत के पीछे का सच सामने आने की उम्मीद है.

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