ट्विशा शर्मा केस में अब सीबीआई ने औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है. यह एफआईआर भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज मामले को री-रजिस्टर करते हुए की गई है. इसके साथ ही सीबीआई ने पूरे केस को भोपाल पुलिस से टेकओवर कर लिया है.
सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट (दिल्ली) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और जांच की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ले ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विस्तृत जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाएगी.
सीबीआई ने इस केस में जांच अधिकारी (आईओ) के तौर पर डिप्टी पुलिस अधीक्षक निशु कुशवाहा को नियुक्त किया है. वे पूरे मामले की जांच की निगरानी करेंगे और साक्ष्यों को एकत्रित कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
भोपाल पहुंची सीबीआई की टीम
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीम पहले ही भोपाल पहुंच चुकी है और कल से औपचारिक रूप से जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी. शुरुआती चरण में स्थानीय पुलिस से मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन समीक्षा की जाएगी. इस केस के सीबीआई के हाथ में जाने के बाद अब जांच से जुड़े सभी पहलुओं पर नए सिरे से पड़ताल होने की संभावना है.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
बता दें कि ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इस मामले में कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई की. सर्वोच्च अदालत की बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी.एम. पंचोली शामिल थे.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई अहम टिप्पणियां कीं. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी कि सीबीआई ने पूरे मामले की जांच अपने हाथ में लेने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए उम्मीद जताई कि एजेंसी तुरंत प्रभाव से गहराई और निष्पक्षता के साथ जांच शुरू करेगी.
अदालत ने कहा कि एक महिला की असामयिक मौत बेहद गंभीर विषय है और इसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. कोर्ट ने यह भी माना कि शुरुआती तथ्यों और लगाए गए आरोपों से आपराधिक साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच आवश्यक है.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में अफवाहों और अटकलों से बचना चाहता है. इसी दौरान अदालत को बताया गया कि समाज में तलाकशुदा बेटी होने से कहीं अधिक दुखद स्थिति एक बेटी को हमेशा के लिए खो देना है. इस टिप्पणी पर अदालत ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी को खोने का दर्द असहनीय होता है और अदालत परिवार की पीड़ा को समझती है.
सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर भी चिंता जताई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. अदालत ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच एजेंसियों को अत्यंत जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए.
12 मई को मृत मिली थी ट्विशा
गौरतलब है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था. 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा नशे की समस्या से जूझ रही थीं. मृतका के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना, सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में लापरवाही जैसे आरोप भी लगाए हैं.
अरविंद ओझा