SIR का चमत्कार! 22 साल का इंतजार… और 2003 के बाद मां से ऐसे मिला बिछड़ा बेटा

देशभर में S.I.R को लेकर चल रही सियासत के बीच मध्यप्रदेश से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. 22 साल पहले घर छोड़कर लापता हुआ विनोद भारत निर्वाचन आयोग के S.I.R अभियान के दौरान मिली एक सूचना से अपनी मां से फिर मिल गया. मंदसौर पुलिस की संवेदनशीलता और जांच से यह अधूरी कहानी पूरी हुई, जिससे मां-बेटे का मिलन संभव हो सका.

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मध्य प्रदेश से ये भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. (Photo: ITG) मध्य प्रदेश से ये भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. (Photo: ITG)

अजय बाड़ोलिया / रवीश पाल सिंह

  • मंदसौर,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:24 PM IST

पूरे देश में S.I.R को लेकर हो रही सियासत के बीच इस अभियान का एक सुखद पहलू मध्यप्रदेश में सामने आया है. 22 साल पहले अपनी मां से अलग हुआ एक बेटा S.I.R की वजह से उसे फिर मिल गया. मंदसौर के ग्राम पंचायत खीलचीपुरा में 22 साल पहले साल 2003 में घर से निकला विनोद समय की धुंध में खो गया था. इस दौरान उसके पिता दुनिया छोड़ गए और बेटे की तलाश थक गई, लेकिन मां का विश्वास नहीं टूटा. और फिर, भारत निर्वाचन आयोग के S.I.R (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के दौरान आई एक छोटी-सी सूचना ने उस अधूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया जिसे मंदसौर पुलिस की संवेदनशीलता ने 22 साल बाद पूरा कर दिया.

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कैसे मिला बेटा?
दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग के S.I.R (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के दौरान राजस्थाान के नागौर में बसे युवक ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत से अपने माता पिता का ईपीक नंबर मांगा. यह साधारण सी जानकारी उसकी मां तक पहुंची और मां को यकीन हो गया उसका बेटा विनोद जिन्दा हैं जिसके बाद उसने थाना नई आबादी में पुलिस को बताया की उसका बेटा विनोद ज़िंदा हैं. 

स्कूल में चपरासी का काम करता है बेटा
पुलिस ने इसे सिर्फ एक आवेदन नहीं, एक मां की अधूरी कहानी समझकर गंभीरता से लिया. नई आबादी थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर ने पंचायत और निर्वाचन कार्यालय के रिकॉर्ड खंगाले और गांव में पूछताछ की तो पता चला की विनोद ने 23 साल पहले प्रेम विवाह किया था और इसी वजह से वो गांव छोड़कर चला गया, विनोद वर्षों से राजस्थान के नागौर जिले मे रह रहा है और एक स्कूल में प्यून के रूप में काम कर रहा था. 

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23 साल की उम्र में घर छोड़ गया
मंदसौर पुलिस ने विनोद से सम्पर्क किया और उसे मंदसौर बुलवाया गया जहां पिछले 22 सालों से उसकी मां अपने बेटे का इंतज़ार कर रही थी. विनोद जब घर छोड़कर गया था तब 23 साल का था लेकिन अब वो 45 साल का हो चूका था जिसको हाथ पकड़कर बूढी मां थाने मे पुलिस का अभिवादन कर रही थी. इस दौरान मां ने पुलिस को धन्यवाद किया, और कहा मानो उसे पुनर्जन्म मिल गया. 

मां से मिलकर हुआ भावुक
विनोद भी अपनी मां को पाकर भावुक दिखा. अपनी मां से बिछड़ा विनोद ने वर्षों तक मजदूरी कर जिंदगी बिताई और अब नागौर में बस चुका है, उसने इच्छा जताई कि मां उसके साथ रहना चाहें तो वह उन्हें साथ ले जाना चाहता है. मां ने भी बस बेटे का चेहरा पकड़कर कहा तू मिल गया यही काफी हैं. विनोद ने बताया की उसके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी हैं, बेटी की शादी हो गई और अब वो मां की सेवा करेगा.

बिना बताए चला गया था बेटा
इस बारे में थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि आवेदिका रामकन्या बाई द्वारा एक आवेदन के माध्यम से थाना नई आबादी पर अवगत कराया गया था की 22 वर्ष पहले उनका पुत्र कहीं बिना बताए चला गया है, जिसके दस्तावेजों की जानकारी किसी ने पूछी है, उसके आवेदन की पड़ताल की तो विनोद के माता-पिता की एपिक नंबर की जानकारी चाही गई थी, इसको हमने फॉलो किया तो विनोद वर्तमान में नागौर जिलों के निवासरत है वहां उसका परिवार है और वहां उसनें SIR के दौरान एपिक नंबर चाहे थे, और पुलिस के द्वारा उसके माता से उसको मिलवाया गया और माता अपने पुत्र से मिलकर काफी खुश है. 

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विनोद के पिताजी का देहांत उसके जाने के बाद हो चुका था. उसकी माता अकेली थी, ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होने से उन्होंने काफी प्रयास किया किंतु संपर्क नहीं हो पाया, विनोद ने प्रेम विवाह किया था, इसलिए वह घर से बिना बताए चला गया था. विनोद का वर्तमान में एक लड़का है छोटू और एक बालिका है मंगला, पत्नी साथ रहती है. उसकी बेटी का विवाह हो चुका है और वह राजस्थान के नागौर में सेटल है.

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