कम उम्र में बाल और दाढ़ी का सफेद होना आजकल काफी कॉमन समस्या बन चुकी है. खासकर कई ऐसे यंगस्टर्स भी हैं जिनके 25-30 की उम्र में ही दाढ़ी के बाल सफेद हो रहे हैं. ऐसे में जब उनके चेहरे पर काली दाढ़ी के बीच जब सफेद बाल नजर आते हैं तो यह न केवल उनके लुक को प्रभावित करता है बल्कि आत्मविश्वास को भी कम कर देता है. युवा अक्सर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि आखिर इतनी जल्दी उनके दाढ़ी के बाल क्यों पकने लगे हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कई जेनेटिक, मेडिकल और खराब लाइफस्टाइल से जुड़े कारण हो सकते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना और सुधारना बेहद जरूरी है. तो आइए उनके बारे में जान लीजिए.
मेलेनिन की कमी और जेनेटिक्स हैं बड़े कारण
हेल्थलाइन के मुताबिक, हमारी त्वचा और बालों को नेचुरल रंग देने का काम मेलेनिन नाम का पिगमेंट करता है. जब शरीर में मेलेनिन का प्रोडक्शन कम होने लगता है तो बाल अपना असली रंग खोकर सफेद होने लगते हैं. इसका सबसे बड़ा और पहला कारण जेनेटिक्स यानी आनुवंशिकता हो सकता है.
यदि आपकी फैमिली में माता-पिता या दादा-दादी को कम उम्र में सफेद बालों या दाढ़ी की समस्या रही है तो काफी उम्मीद है कि आपके साथ भी ऐसा ही हो. जेनेटिक कारणों को पूरी तरह बदलना मुमकिन नहीं होता, लेकिन सही केयर से इसकी रफ्तार को कम किया जा सकता है.
क्रोनिक स्ट्रेस और खराब लाइफस्टाइल का असर
क्लीवलैंड क्लीनिक का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्क प्रेशर और पर्सनल लाइफ का तनाव सीधे हमारे शरीर पर असर डाल रहा है. जब इंसान लगातार बहुत अधिक स्ट्रेस में रहता है तो शरीर में नोरपेनेफ्रिन नाम का केमिकल रिलीज करता है.
यह केमिकल बालों के रंग को बनाए रखने वाली स्टेम सेल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे दाढ़ी के बाल तेजी से सफेद होने लगते हैं. वहीं पर्याप्त नींद न लेना, हर वक्त एंग्जायटी में रहना और बिल्कुल भी फिजिकल एक्टिविटी न करना इस समस्या को और ज्यादा बढ़ा देता है.
विटामिन की कमी और स्मोकिंग से नुकसान
शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी दाढ़ी को समय से पहले सफेद बना देती है. विटामिन B12, विटामिन D3, आयरन और कॉपर की कमी से हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं और मेलेनिन का स्तर गिर जाता. जो लोग नॉन-वेजिटेरियन फूड नहीं खाते, उनमें अक्सर विटामिन B12 की कमी देखी जाती है. इसके साथ ही, स्मोकिंग यानी सिगरेट पीने की आदत भी दाढ़ी के बालों को सफेद करने के लिए जिम्मेदार है.
लाइफस्टाइल में करें ये सुधार
यदि आप 30 की उम्र में इस समस्या से जूझ रहे हैं तो आज से ही अपनी डाइट और आदतों को बदलें. खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें ताकि विटामिन की कमी पूरी हो सके.
स्ट्रेस को कम करने के लिए डेली योग या मेडिटेशन का सहारा लें और कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद जरूर लें. सिगरेट और तंबाकू जैसी आदतों से पूरी तरह दूरी बना लें. इसके अलावा, दाढ़ी पर केमिकल वाले प्रोडक्ट्स या घटिया क्वालिटी के हेयर कलर लगाने से बचें क्योंकि ये फॉलिकल्स को हमेशा के लिए डैमेज कर सकते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क