जिम जाने वालों में एक आम सोच है कि वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक या पाउडर लेना जरूरी है, वरना मेहनत बेकार जाएगी. लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट्स अब इस मिथ को तोड़ रहे हैं. उनका कहना है कि महंगे सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपके किचन में ही वो सब मौजूद है जो मसल्स को रिकवर करने और बॉडी को एनर्जी देने के लिए चाहिए. बस सही फूड, सही टाइम पर खाना होगा.
प्रोटीन पाउडर, जरूरत या मार्केटिंग?
जिम कल्चर के बढ़ने के साथ प्रोटीन पाउडर की इंडस्ट्री भी तेजी से बड़ी हुई है. हर ब्रांड यही दावा करता है कि बिना प्रोटीन से मसल गेन जल्दी पॉसिबल नहीं है. लेकिन न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की राय अलग है. उनके मुताबिक, जिम जाने वले लोगों को प्रोटीन पाउडर नहीं बल्कि प्रोटीन फूड की जरूरत है. क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोगों को व्हे प्रोटीन की जरूरत तब पड़ती है जब वो इंटेंस स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हों और नॉर्मल खाने से प्रोटीन टारगेट पूरा न हो पाएं.
घर का खाना है सबसे बड़ा सप्लीमेंट
वर्कआउट के बाद बॉडी को 2 चीज़ों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट. और ये दोनों हमारे रोज़ाना के खाने में आसानी से मिल सकते हैं. इंडियन लोगों के लिए एक बेहद सस्ता और इफेक्टिव पोस्ट-वर्कआउट ऑप्शन है, 3 उबले अंडे और एक केला, जिसकी कॉस्ट करीब 25 से 30 रुपये है और इससे 18-20 ग्राम प्रोटीन मिलता है. यह कॉम्बिनेशन ज्यादातर कमर्शियल सप्लीमेंटट्स से बेहतर और कई गुना सस्ता है.
बजट-फ्रेंडली पोस्ट-वर्कआउट मील्स
दाल और रोटी की एक साधारण थाली एक कम्पलीट अमीनो एसिड प्रोफाइल देती है जो वर्कआउट के बाद रिकवरी में मदद करती है. मूंग, मसूर, तूर और उड़द दाल आसानी से मिलती हैं और इनमें प्रोटीन की मात्रा काफी अच्छी होती है. इसके अलावा, अंडे, पनीर, दही, चना और चिकन जैसे होल फूड भी कंपलीन प्रोटीन के सोर्स हैं जो वर्कआउट के बाद सभी जरूरी अमीनो एसिड एक साथ देते हैं.
मूंग दाल चीला और पीनट चटनी या भीगे बादाम और चिया सीड्स के साथ बादाम मिल्क जैसी चीज़ें एक स्कूप व्हे प्रोटीन की तरह 20-25 ग्राम प्रोटीन दे सकती हैं और साथ में फाइबर, मिनरल्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी मिलते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क