गर्मियों का मौसम आते ही उत्तर भारत के घरों में ठंडी-ठंडी लस्सी की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है. दोपहर की चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए एक गिलास गाढ़ी और मलाईदार लस्सी से बेहतर भला क्या हो सकता है. लेकिन आज के समय में फिटनेस लवर्स, वेट लॉस करने वाले लोग और डायबिटीज के मरीज लस्सी में मौजूद भारी-भरकम चीनी की वजह से इससे दूरी बना लेते हैं.
बिना टेंशन पिएं मीठी मलाईदार लस्सी
अगर आप भी कैलोरी काउंट के डर से अपनी पसंदीदा लस्सी को मिस कर रहे हैं तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं बिना चीनी की बेहद मीठी, गाढ़ी और मलाईदार लस्सी बनाने की एक ऐसी जादुई ट्रिक जिससे स्वाद से बिना कोई समझौता किए आपकी सेहत भी एकदम दुरुस्त रहेगी.इस रेसिपी की मुख्य ट्रिक यह है कि हम चीनी की जगह प्राकृतिक मिठास (खजूर और शहद) का इस्तेमाल करेंगे और मलाईदार टेक्सचर के लिए दही जमाने की खास ट्रिक अपनाएंगे.
लस्सी बनाने के लिए आपो चाहिए होगी ये सामग्री
ताजा गाढ़ा दही (कम खट्टा) – 2 कप
ठंडी दूध की ताजी मलाई – 2-3 चम्मच
भीगे हुए और बीज निकले हुए खजूर (Dates) – 4-5 (प्राकृतिक मिठास के लिए)
शहद (Honey) – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
हरी इलायची पाउडर – एक चुटकी
ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े – आवश्यकतानुसार
कतरन कतरे हुए बादाम और पिस्ता – सजाने के लिए
बनाने का तरीका
लस्सी के लिए हमेशा फुल क्रीम दूध से जमाया हुआ ताजा और गाढ़ा दही लें जो बिल्कुल भी खट्टा न हो. अगर दही खट्टा नहीं होगा तो आपको बहुत कम मिठास की जरूरत पड़ेगी.
भीगे हुए खजूरों को थोड़े से ठंडे पानी या दूध के साथ मिक्सी में पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. यह पेस्ट लस्सी को बिना चीनी के भी एकदम गाढ़ा और मीठा बना देगा.
अब एक बड़े बर्तन या ब्लेंडर जार में दही, खजूर का पेस्ट, इलायची पाउडर और आधी मलाई डालें. इसे मथनी से अच्छी तरह मथ लें या मिक्सी को पल्स मोड पर सिर्फ 10-15 सेकंड के लिए चलाएं. ज्यादा चलाने से दही पानी छोड़ देता है.
तैयार गाढ़ी लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के गिलास में निकालें.
ऊपर से बची हुई ताजी दूध की मलाई डालें और कतरे हुए पिस्ता-बादाम से सजाकर एकदम ठंडी-ठंडी परोसें.
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