Kadhi vs Rayta vs Curd: गर्मियों के मौसम में खानपान में बदलाव करना काफी जरूरी होता है ताकि शरीर को अंदर से ठंडक मिल सके. इसके लिए लोग तेज धूप और लू से बचने के लिए लोग ऐसी चीजों की तलाश में रहते हैं जो पेट को शांत रखें और शरीर का तापमान मेंटेन करें. भारतीय घरों में इस सीजन में दही, रायता और कढ़ी का सेवन काफी बढ़ जाता है क्योंकि ये तीनों ही चीजें दूध या छाछ से बनती हैं इसलिए इनमें कैल्शियम और गुड बैक्टीरिया भरपूर मात्रा में होते हैं.
लेकिन कई बार लोग इस कन्फ्यूजन में रहते हैं कि दही, रायता और कढ़ी में से क्या अधिक ठंडक देगा और किसे खाने से अधिक फायदा मिलेगा. तो आइए इस बारे में जान लेते हैं.
कढ़ी के बारे में जानें
कढ़ी को लेकर अक्सर लोगों के मन में संशय रहता है. कढ़ी छाछ से बनती है, जो कि ठंडी होती है, लेकिन इसे बनाने में बेसन का इस्तेमाल होता है और इसे काफी देर तक पकाया जाता है. पकाने के कारण और इसमें लगने वाले तेल-मसालों के तड़के की वजह से इसकी तासीर दही या रायते जितनी ठंडी नहीं रह जाती. हालांकि, कढ़ी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है, लेकिन भयंकर गर्मी में यह दही या रायते जितना कूलिंग इफेक्ट नहीं दे पाती.
दही के फायदे और इसकी तासीर
दही को गर्मियों का सुपरफूड माना जाता है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट के डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं. दही की तासीर ठंडी होती है जो पेट की गर्मी को तुरंत शांत करने में मदद करती है. गर्मी के दिनों में सादा दही या चीनी-मिश्री मिलाकर खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती. यह आपके गट हेल्थ के लिए सबसे सिंपल और सीधा सोर्स है.
रायता क्यों है इतना खास
रायता असल में दही का ही एक एडवांस्ड वर्जन है जिसमें खीरा, बूंदी, लौकी या पुदीना मिलाया जाता है. गर्मियों में खीरे या पुदीने का रायता बेहद फायदेमंद होता है. खीरे में पानी की मात्रा ज्यादा होती है और पुदीना शरीर को एक्स्ट्रा कूलिंग इफेक्ट देता है. इसके अलावा रायते में इस्तेमाल होने वाला भुना जीरा और काला नमक डाइजेशन को फास्ट करते हैं. अगर आप सादा दही नहीं खाना चाहते तो रायता आपके लिए टेस्टी और ठंडा ऑप्शन है.
क्या अधिक फायदेमंद?
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आपका मकसद शरीर को अधिकतम ठंडाहक पहुंचाना है तो सादा दही या पुदीने-खीरे का रायता सबसे बेस्ट ऑप्शंस हैं. इनमें लाइव बैक्टीरिया होते हैं जो पेट को ठंडा रखते हैं. कढ़ी को आप हफ्ते में एक-दो बार लंच में खा सकते हैं लेकिन डेली डाइट में कूलिंग सोर्स के तौर पर दही या रायते को प्रायोरिटी देनी चाहिए. रात के समय इन तीनों ही चीजों के सेवन से बचना चाहिए ताकि कफ या सर्दी-खांसी की दिक्कत न हो.
लेकिन ध्यान रखें बूंदी की जगह खीरा, कद्दू आदि का रायता खाएं क्योंकि बूंदी तेल में डीप फ्राई होती हैं, इससे उनमें अधिक कैलोरीज होती हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क