IPS अधिकारी के खिलाफ कोर्ट क्यों पहुंचे महेंद्र सिंह धोनी? जानें क्या है पूरा मामला

कैप्टन कूल के नाम से मशहूर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने IPS संपत कुमार के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने संपत कुमार पर कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाया है. दरअसल, ये मामला आईपीएल 2013 मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग से जुड़ा हुआ है.

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महेंद्र सिंह धोनी (File Photo) महेंद्र सिंह धोनी (File Photo)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 05 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:24 AM IST

दिग्गज क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक IPS अधिकारी के खिलाफ  मद्रास हाई कोर्ट पहुंचे हैं. मामला कोर्ट के आदेश की अवमानना से जुड़ा हुआ है. धोनी ने इस मामले में IPS संपत कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल की है. इस पर शुक्रवार को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन समय की कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका. अब मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हो सकती है. आइए जानते हैं कि आखिर किस मामले में कैप्टन कूल ने IPS के खिलाफ याचिका दायर की है. 

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ये मामला 2013 के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी से जुड़ा है. इस केस की जांच IPS संपत कुमार ने की थी. आईपीएस अधिकारी संपत कुमार ने इस मामले में धोनी के खिलाफ टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि धोनी 2013 के IPL मैचों में हुई सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग में शामिल थे. उनकी बयानबाजी के बाद धोनी मद्रास हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे थे और संपत की बयानबाजी पर रोक लगाने के साथ ही मानहानि का केस किया था. उन्होंने एक निजी चैनल के खिलाफ भी मानहानि का केस किया था.

धोनी की पुरानी याचिका के बाद कोर्ट ने संपत और दूसरे पक्षों को धोनी के खिलाफ कोई भी मानहानिकारक बयान देने से रोकने के लिए एक अंतरिम निषेधाज्ञा लागू की थी. इसके बाद दिसंबर 2021 में संपत ने लिखित आवेदन देकर मानहानि का मामला रद्द करने का अनुरोध किया. टिप्पणी में उन्होंने कहा था कि लोग इस तरह के एक सूट के माध्यम से उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं.

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अब धोनी ने संपत के उस आवेदन को ही आधार बनाकर उनके खिलाफ अवमानना का केस दायर कर दिया है. धोनी ने याचिका में कहा है कि आईपीएस अधिकारी ने अपनी लिखित प्रतिक्रिया में ऐसी टिप्पणी की है, जिससे उनके मान-सम्मान को हानि पहुंचती है. उन्होंने इसे अदालत की निषेधाज्ञा की अवमानना मानने की गुजारिश की है.

बता दें कि 2013 फिक्सिंग कांड पर धोनी कई बार अपनी चुप्पी तोड़ चुके हैं. इससे पहले उन्होंने 22 मार्च 2019 को कहा था, ‘2013 मेरे जीवन का सबसे कठिन दौर था. मैं कभी इतना निराश नहीं हुआ जितना उस समय था. इससे पहले विश्व कप 2007 में निराशा हुई थी, जब हम ग्रुप चरण में ही हार गए थे. लेकिन, उसमें हम खराब क्रिकेट खेले थे.’ 

उन्होंने कहा था, ‘लेकिन 2013 में तस्वीर बिल्कुल अलग थी. लोग मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग की बात करते थे. उस समय देश भर में यही बात हो रही थी.’ धोनी ने हॉटस्टार पर प्रसारित पहले एपिसोड ‘वॉट डिड वी डू रॉन्ग’ में कहा था कि खिलाड़ियों को पता था कि कड़ी सजा मिलने जा रही है.

धोनी ने आगे कहा था, ‘हमें सजा मिलने जा रही थी बस यह जानना था कि सजा कितनी होगी. चेन्नई सुपर किंग्स पर दो साल का प्रतिबंध लगा. उस समय मिली जुली भावनाएं थी, क्योंकि आप बहुत सी बातों को खुद पर ले लेते हैं. कप्तान के तौर पर यही सवाल था कि टीम की क्या गलती थी.’ तब धोनी ने मैच फिक्सिंग को कत्ल से भी बड़ा गुनाह बताया था.

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