समुद्र कितना गहरा और अथाह है, इंसानों ने इसकी थाह लेने की काफी कोशिश की है. इंसान समुद्र के सबसे ज्यादा गहरे पॉइंट तक जा चुका है. इस जगह समुद्र की गहराई इतनी है कि पूरा का पूरा माउंट एवरेस्ट डूब जाए, फिर भी पानी उसकी चोटी से 2 किलोमीटर ऊपर ही रहेगी. ऐसे में जानते हैं कि समुद्र कितना गहरा है.
समुद्र के अंदर स्कूबा डाइविंग की लिमिट 40 मीटर होती है. यानी आप समुद्र में 12 मंजिल इमारत की ऊंचाई तक गहराई में जा सकते हैं. इसके आगे इंसानों को जाने की मनाही है. हालांकि, कई लोग सांस रोककर बिना मशीन के 93 मीटर की गहराई तक गए हैं. इसके आगे 332 मीटर की गहराई तक सबसे गहरा स्कूबा डाइव भी एक इंसान ने किया है. यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इस गहराई तक धरती की सबसे ऊंची इमारत भी डूब सकती है.
समुद्र का मिड नाइट जोन
समुद्र में 500 मीटर की गहराई तक जाने पर रोशनी खत्म हो जाती है. अंदर कुछ दिखाई नहीं देता है. यहां तक सूरज की किरण कभी नहीं पहुंच पाती है. समुद्र में 1000 मीटर की गहराई को मिड नाइट जोन कहा जाता है. यहां इतना ज्यादा प्रेशर होता है कि आदमी का शरीर एक मिनट में क्रश हो जाए.
3800 मीटर की गहराई में टाइटेनिक पड़ा हुआ है. यह गहराई इतनी है कि तीन एम्पायर स्टेट बिल्डिंग आसानी से डूब जाए. इससे भी आगे है समुद्र के अंदर 6000 मीटर की गहराई तक जाने पर 8 बुर्ज खलीफा रखने पर भी यहां तक नहीं पहुंचा जा सकता है. इसके आगे 10902 मीटर की गहराई तक जाने पर पूरा माउंट एवरेस्ट डूब सकता है. समुद्र में यह गहराई मरियाना ट्रेंच के पास है. समुद्र की सबसे ज्यादा गहराई इतनी ही है.
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दुनिया का सबसे गहरा स्थान खोजकर्ताओं को अपनी ओर जबरदस्त तरीके से आकर्षित करता है. इस पॉइंट को मरियाना ट्रेंच का डीप चैलेंजर कहा जाता है. वैसे, अगर एवरेस्ट को चैलेंजर डीप में गिरा दिया जाए, तो उसकी चोटी 1.2 मील से भी ज़्यादा पानी में डूब जाएगी.
महासागर कितना गहरा है?
वैसे तो समुद्र की औसत गहराई 3,682 मीटर (12,080 फीट) है. समुद्र का सबसे गहरा हिस्सा चैलेंजर डीप कहलाता है और यह पश्चिमी प्रशांत महासागर के नीचे, मारियाना ट्रेंच के दक्षिणी छोर पर स्थित है, जो अमेरिका के क्षेत्रीय द्वीप गुआम से कई सौ किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में फैला हुआ है.
चैलेंजर डीप लगभग 10,935 मीटर (35,876 फीट) गहरा है. इसका नाम एचएमएस चैलेंजर के नाम पर रखा गया है , जिसके चालक दल ने 1875 में पहली बार इस ट्रेंच की गहराई मापी थी.
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