भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं. कई बार ऐसा होता है कि किसी यात्री के पास जनरल टिकट होता है, लेकिन ट्रेन में भीड़ कम होने या सीट खाली दिखने पर वह किसी दूसरे क्लास की सीट पर बैठ जाता है. वहीं कुछ लोग अपने परिचित या रिश्तेदार के साथ बैठने के लिए उनकी रिजर्व सीट पर भी चले जाते हैं. ऐसे में यात्रियों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि क्या खाली सीट पर बैठना नियमों के खिलाफ है और अगर पकड़े गए तो कितना जुर्माना भरना पड़ सकता है? रेलवे के नियमों के अनुसार केवल सीट खाली होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी यात्री उस पर बैठ सकता है. सीट किस क्लास की है और यात्री के पास किस प्रकार का टिकट है, इसके आधार पर नियम तय होते हैं.
जनरल टिकट लेकर AC कोच में बैठ सकते हैं?
यदि किसी यात्री के पास केवल जनरल टिकट है और वह AC कोच में जाकर बैठ जाता है, तो उसे उस क्लास के किराए और अपने टिकट के किराए के बीच का अंतर देना पड़ सकता है. हालांकि यदि सीट वास्तव में खाली है और टीटीई अनुमति दे देता है, तो यात्रा संभव हो सकती है. लेकिन बिना अनुमति AC कोच में यात्रा करने पर अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जा सकता है. जानकारी के अनुसार यदि कोई यात्री किसी परिचित की AC 3-टियर सीट पर एडजस्ट होकर बैठता है, तो उससे जनरल और AC 3-टियर किराए के अंतर के साथ लगभग 455 रुपये का पेनल्टी चार्ज और उस पर लागू GST वसूला जा सकता है.
AC 2-टियर में नियम और सख्त
यदि जनरल टिकट वाला यात्री AC 2-टियर कोच में पाया जाता है, तो किराए का अंतर और अधिक होता है. इसके अलावा लगभग 640 रुपये तक का पेनल्टी चार्ज भी लगाया जा सकता है. ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय टीटीई और रेलवे के लागू नियमों पर निर्भर करता है. यानी केवल यह सोचकर कि सीट खाली है, किसी भी क्लास के कोच में बैठ जाना सही नहीं माना जाता. टिकट जिस श्रेणी का है, यात्रा भी उसी क्लास में करनी चाहिए.
स्लीपर कोच में क्या है नियम?
कई लोग मानते हैं कि यदि स्लीपर कोच में सीट खाली है तो जनरल टिकट पर वहां बैठा जा सकता है. लेकिन रेलवे के नियम इसके लिए भी स्पष्ट हैं. यदि किसी यात्री के पास जनरल टिकट है और वह स्लीपर कोच में यात्रा करते हुए पाया जाता है, तो उससे जनरल और स्लीपर क्लास के किराए का अंतर वसूला जा सकता है. इसके अलावा लगभग 250 रुपये तक का पेनल्टी चार्ज भी लगाया जा सकता है. साथ ही लागू GST भी देना पड़ सकता है. हालांकि यदि टीटीई सीट उपलब्ध होने पर टिकट अपग्रेड कर दे या उचित शुल्क लेकर अनुमति दे दे, तो स्थिति अलग हो सकती है.
खाली सीट दिखे तो क्या करें?
यदि ट्रेन में कोई सीट खाली दिखाई देती है और आप उस पर बैठना चाहते हैं, तो सबसे पहले टीटीई से संपर्क करना चाहिए. टीटीई यह चेक कर बताएगा कि सीट वास्तव में खाली है या अगले स्टेशन से किसी यात्री की बुकिंग है. यदि सीट उपलब्ध है, तो वह नियमों के अनुसार आपको आवंटित कर सकता है. बिना अनुमति किसी अन्य श्रेणी की सीट पर बैठना या यात्रा करना बाद में जुर्माने का कारण बन सकता है.
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेल यात्रा के दौरान हमेशा अपने टिकट की क्लास के अनुसार ही यात्रा करें. यदि बेहतर सीट या कोच में जाना चाहते हैं, तो टीटीई से अनुमति लें. इससे अनावश्यक जुर्माने और विवाद से बचा जा सकता है. रेलवे के नियम यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं, इसलिए उनका पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है. कुल मिलाकर, खाली सीट देखकर उस पर बैठ जाना हमेशा सही नहीं होता. यदि आपके पास जनरल टिकट है और आप स्लीपर, AC 3-टियर या AC 2-टियर में यात्रा करते पाए जाते हैं, तो किराए के अंतर के साथ अतिरिक्त पेनल्टी भी भरनी पड़ सकती है. इसलिए यात्रा से पहले नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है.
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