दुकानवालों को कितने की पड़ती है कूलर की घास? एक पर है इतनी कमाई

गर्मी में कूलर की घास की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में कूलर की घास के व्यापारी भी इससे अच्छा पैसा कमा रहे हैं तो जानते हैं इससे वे कितने रुपये कमाते हैं.

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कूलर की घास में व्यापारियों को अच्छा मुनाफा होता है. (Photo: AI Genrated) कूलर की घास में व्यापारियों को अच्छा मुनाफा होता है. (Photo: AI Genrated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST

जैसे ही गर्मी अपना तेवर दिखाना शुरू करती है, उसके साथ ही गर्मी को दूर करने वाले प्रोडक्ट्स की डिमांड भी बढ़ जाती है. एसी कूलर के साथ ही सबसे ज्यादा कूलर की घास की बिक्री भी बढ़ जाती है. कूलर की घास को कई लोग खस पैड या कूलर की खस भी कहते हैं. क्या आप जानते हैं कि गर्मी में जिस खस की इतनी डिमांड बढ़ती है, उससे दुकानदार कितने रुपये कमाते हैं. जो खस बाजार में 200 रुपये में मिलते हैं, वो दुकानदार को काफी कम रेट में मिलते हैं. ऐसे में जानते हैं कि दुकानदार को एक खस पर कितनी कमाई होती है और ये खस थोक भाव में कितने का मिलता है... 

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जब दुकानदारों से बात की तो उन्होंने बताया कि बाजार में कई तरह की खस मिलती है, जिसमें खुली खस, हल्की जाली वाले पैकेट, ज्यादा घनी घास वाले बेहतर पैड और लकड़ी के फ्रेम में पैक किए गए टिकाऊ पैड. खुली खस सबसे सस्ती होती है, जबकि जाली वाले पैड हल्के और कम टिकाऊ होते हैं. इसके मुकाबले घनी घास वाले पैड ज्यादा ठंडक देते हैं और लकड़ी फ्रेम वाले पैड लंबे समय तक चलते हैं, इसलिए इनकी कीमत भी ज्यादा होती है.

कितना होता है मुनाफा?

अगर कीमतों की बात करें तो रिटेल में कूलर की घास का सेट आमतौर पर 150 से 200 रुपये में बिकता है, जबकि बेहतर क्वालिटी वाले पैड 200 से 400 रुपये या उससे ज्यादा तक पहुंच जाते हैं. खुली खस लगभग 120 रुपये प्रति किलो के आसपास मिलती है.। वहीं थोक बाजार या इंडस्ट्री सप्लाई में यही माल काफी सस्ता पड़ता है. इंडिया मार्ट वेबसाइट पर थोक व्यापारियों की ओर से की गई लिस्टिंग के अनुसार, तैयार पैड 60 से 80 रुपये के बीच और खुली खस 50 से 70 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है. यानी दुकानदार इसे थोक में खरीदकर लोकल लेबर और फिटिंग जोड़कर आगे बेचता है.

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इस पूरे कारोबार में दुकानदार को अच्छी खासी कमाई हो जाती है. अगर कोई पैड उसे 40 से 80 रुपये के बीच पड़ता है और वह उसे 100 से 200 रुपये में बेच देता है, तो प्रति पीस लगभग 50 से 150 रुपये तक का मुनाफा आसानी से मिल जाता है. गर्मियों के सीजन में मांग बढ़ने के कारण यह मार्जिन और भी बढ़ जाता है, और कई दुकानदारों के लिए यह एक अच्छा सीजनल बिजनेस साबित होता है. 
 

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