उत्तराखंड: CM बनते ही एक्शन में तीरथ सिंह रावत, हरिद्वार कुंभ को लेकर कई फैसले

उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोका-टोका नहीं जाएगा. उन्हें सभी सुविधाएं दी जाएंगीं. पूरी दुनिया से आ रहे श्रद्धालुओं का हरिद्वार कुंभ में स्वागत है.

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हरिद्वार कुंभ (फ़ोटो- kumbhmelaindia) हरिद्वार कुंभ (फ़ोटो- kumbhmelaindia)

दिलीप सिंह राठौड़

  • देहरादून ,
  • 10 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 8:02 AM IST
  • हरिद्वार कुंभ को लेकर CM तीरथ सिंह रावत का फैसला
  • कहा- कुंभ में सभी शाही स्नान होंगे
  • भव्य कुंभ के लिए सरकार पूरी ताकत झोकेगी

Haridwar Mahakumbh: उत्तराखंड के सीएम बनने के कुछ ही घंटे बाद तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार कुंभ को लेकर बड़ा फैसला लिया. तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार कुंभ के लिए पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं का स्वागत है. कुंभ में सभी शाही स्नान होंगे. 

सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि दिव्य-भव्य कुंभ के लिए सरकार पूरी ताकत झोकेगी. उन्होंने कहा कि कुंभ में सभी शाही स्नान होंगे, कहीं कोई कटौती नहीं होगी. हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा होगी. सीएम रावत ने कहा कि संतों का मान-सम्मान सबसे ऊपर है. 

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उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोका-टोका नहीं जाएगा. उन्हें सभी सुविधाएं दी जाएंगीं. पूरी दुनिया से आ रहे श्रद्धालुओं का हरिद्वार कुंभ में स्वागत है.

बता दें कि हरिद्वार कुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को होना है. इसमें 10, 11 और 12 मार्च को हरिद्वार जिले में एंट्री के लिए 72 घंटों के भीतर की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट और हेल्थ सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य है. 

गौरतलब है कि हरिद्वार में कुंभ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. इससे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में कुंभ मेला 2021 को लेकर कई फैसले लिए गए थे. जिसमें शाही स्नानों के दिन वीआईपी मूवमेंट पर रोक, श्रद्धालुओं को कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद एंट्री जैसे तमाम निर्णय शामिल थे. 

त्रिवेंद्र सरकार में जो फैसले लिए गए उसके मुताबिक, ट्रेन, बसों और कॉमर्शियल वाहनों में आरटी-पीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के साथ बोर्डिंग करना होगा. सीमा चेक पोस्ट, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, होटल, धर्मशाला में ई-पास और ई-परमिट को वेरिफाई किया जाएगा. ई-पास के बिना आने वाले भक्तों को मेला क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

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अन्य राज्यों से आने वाले सभी भक्तों को अपनी यात्रा के स्थान से मूल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से मेडिकल सर्टिफिकेट लाना होगा. इसे पंजीकरण पोर्टल में भी अपलोड किया जाएगा और इसकी जांच की जाएगी. बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के भक्तों को मेला क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

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