'बस मेरी बेटी लौट आए...',दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता बबीता पांडे के पिता की पुकार

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता 24 वर्षीय बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है. कई एजेंसियों की संयुक्त टीमें पहाड़ों, जंगलों और ट्रेकिंग रूट पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. इधर परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है. दिव्यांग पिता, दादी और परिजन उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद में प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

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दयारा बुग्याल से लापता बबीता के दिव्यांग पिता की पुकार  (Photo: itg) दयारा बुग्याल से लापता बबीता के दिव्यांग पिता की पुकार (Photo: itg)

लीला सिंह बिष्ट

  • दयारा बुग्याल,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई रामनगर निवासी 24 साल की बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है.  प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें पिछले कई दिनों से दुर्गम पहाड़ियों, जंगलों और ट्रेकिंग मार्गों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं. वहीं दूसरी ओर बबीता के परिवार का दर्द हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है. लापता युवती के पिता गोपाल पांडे ने भावुक होकर कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा है कि उनकी बेटी सकुशल घर वापस लौट आए. उन्होंने बताया कि बबीता पढ़ाई में बेहद मेधावी है और वर्तमान में एमबीए की पढ़ाई कर रही है. वह पढ़ाई के साथ-साथ वह पार्ट-टाइम नौकरी भी करती है और अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार मेहनत कर रही थी.

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गोपाल पांडे ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हादसे के बाद वह पैरों से पूर्ण रूप से दिव्यांग हो गए और तब से चल-फिर नहीं पाते. उन्होंने प्रशासन और बचाव दलों से बेटी को जल्द खोज निकालने की अपील करते हुए कहा, मेरी बेटी ट्रैकिंग के लिए गई थी, हमें क्या पता था कि उसके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा. हम हर पल उसकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं.

परिवार की पीड़ा उस समय और अधिक छलक उठी जब बबीता की दादी लक्ष्मी पांडे अपनी पोती को याद करते हुए रो पड़ीं, उन्होंने हाथ जोड़कर प्रशासन से अपील की कि किसी भी तरह उनकी पोती को सुरक्षित बरामद किया जाए. उन्होंने कहा कि चार से पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक बबीता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

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उनकी बहू और बड़ा पोता हर्षित पांडे उत्तरकाशी में एनडीआरएफ,एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों के साथ लगातार खोजबीन में जुटे हुए हैं, बुजुर्ग लक्ष्मी पांडे ने कहा कि पूरा परिवार कई दिनों से चिंता और बेचैनी में है. उनकी बस एक ही प्रार्थना है कि उनकी पोती सुरक्षित मिले और जल्द घर लौट आए. बबीता दो भाइयों की इकलौती बहन और परिवार की सबसे बड़ी संतान है. उसके दोनों भाई हर्षित पांडे और तनुज पांडे रामनगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं. परिवार में माता, पिता और दादी हैं. वर्तमान में बबीता की मां और बड़ा भाई उत्तरकाशी में मौजूद हैं, जबकि घर पर छोटा भाई तनुज, दादी और दिव्यांग पिता उसकी राह देख रहे हैं.

गौरतलब है कि 29 मई को बबीता अपने दो अन्य साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थीं और गोई नामक स्थान पर रुकी थीं. 30 मई को ट्रेकिंग के दौरान वह अचानक लापता हो गई, सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें डॉग स्क्वॉड तथा ड्रोन की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं,पुलिस ने कोतवाली मनेरी में धारा 140(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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पूरे रामनगर और उत्तराखंड की निगाहें अब इस अभियान पर टिकी हैं, परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग बबीता की सकुशल वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही कोई अच्छी खबर मिलेगी.

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