काशी में अजान पर विवाद : शाही इमाम बोले- अजान तो 2 मिनट की, सवाल करने वाले हिंदू नहीं

मौलाना ने कहा कि जो लोग अजान पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वे हिंदू नहीं हैं बल्कि समाज को बांटने का काम कर रहे हैं. अजान का मकसद लोगों को एक करना है.

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मौलाना का कहना था कि हर किसी को अपना धर्म प्रसार की आजादी है. मौलाना का कहना था कि हर किसी को अपना धर्म प्रसार की आजादी है.

aajtak.in

  • वाराणसी,
  • 16 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST
  • काशी में लाउडस्पीकर पर अजान और हनुमान चालीसा को लेकर विवाद
  • महंत बालक दास बोले- दिन में 100 बार करेंगे हनुमान चालीसा

धर्म और संस्कृति के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाला बनारस शहर इस समय अजान और हनुमान चालीस को लेकर विवाद उठने से सुर्खियों में है. इस विवाद में साधु-संतों और मुस्लिम धर्मगुरुओं की भी एंट्री हो गई है. शनिवार को काशी के मुगलिया मस्जिद बादशाह बाग के शाही इमाम मौलाना हाफिज हसीन अहमद हबीबी का बयान आया है. उन्होंने लाउडस्पीकर पर अजान को इंसानियत और कौम के लिए जरूरी बताया है.

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मौलाना ने कहा कि जो लोग अजान पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वे हिंदू नहीं हैं बल्कि समाज को बांटने का काम कर रहे हैं. अजान का मकसद लोगों को एक करना है और मुसलमान को धर्म के साथ-साथ इंसानियत से जोड़ने का एक तरीका है. आसान रोग को दूर करने और शरीर को बुरी नजर से बचाने के लिए भी जरूरी है.

सिर्फ अजान पर ही रोक की बात क्यों?

मौलाना हबीबी ने कहा कि जब एक कौम को दूसरे के धर्म प्रचार से दिक्कत नहीं तो अजान तो सिर्फ 2 मिनट के लिए होती है उस पर सवाल नहीं खड़े करने चाहिए. जब डीजे बजाकर शोर होता है तो क्या उससे लोगों को परेशानी नहीं होती? सिर्फ अजान पर ही रोक लगाने की बात क्यों हो रही है?

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हनुमान चालीसा की आड़ में विरोध

उनका कहना था कि कोर्ट ने अजान को लाउडस्पीकर पर ना चलाने को लेकर जो कहा, वह संविधान से ऊपर नहीं है. हर किसी को अपना धर्म प्रसार की आजादी है. जो हिंदू संगठन और महंत हनुमान चालीसा की आड़ में विरोध की बात कर रहे हैं. वह सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ रहे हैं. सारे विरोध के बीच में मस्जिद पर लाउडस्पीकर पर अजान बदस्तूर जारी रहेगी, जिसे रोका नहीं जा सकता.

अजान सैकड़ों साल पुराना हिस्सा

वहीं, वाराणसी के स्थानीय मुसलमानों ने भी अजान का समर्थन किया और कहा कि अजान इस्लाम का सैकड़ों साल पुराना हिस्सा है, जिसे अलग नहीं किया जा सकता है. बता दें कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष सुधीर सिंह ने अजान के वक्त हनुमान चालीसा बजाने के लिए अपने घर पर ही लाउडस्पीकर लगा दिया है. इस घटना का मुस्लिम समाज विरोध जता रहा है.

हम दिन में 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे: महंत

इससे पहले वाराणसी के सिद्धपीठ पातालपुरी मठ के महंत बालकदास ने आजतक से कहा था कि अगर लाउडस्पीकर पर अजान देना सही है तो हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि अगर पांच बार अजान होगी तो हम दिन में 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर पर करेंगे. जब कोर्ट ने लाउडस्पीकर पर अजान ना करने की बात कही है तो उसका सम्मान सभी को करना चाहिए. लेकिन अगर इसे कोई नहीं मानता तो हम भी अपने धार्मिक कार्य में इसका इस्तेमाल करेंगे. 

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लाउडस्पीकर के खिलाफ राज ठाकरे ने खोला मोर्चा

बता दें कि देश में अजान और हनुमान चालीसा को लेकर विवाद महाराष्ट्र से शुरू हुआ. वहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे ने मस्जिदों से लाउड स्पीकर हटाने के लिए मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर सरकार लाउड स्पीकर के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लेती है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने तेज आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. 
 

 

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