हाथरस केसः ट्रायल उत्तर प्रदेश में होगा या दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की है कि इस मामले का ट्रायल दिल्ली में हो. इस याचिका में कहा गया है कि यूपी में मामले की जांच और सुनवाई निष्पक्ष नहीं हो पाएगी, इसलिए इसे दिल्ली ट्रांसफर किया जाए.

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हाथरस कांड (सांकेतिक फोटो) हाथरस कांड (सांकेतिक फोटो)

संजय शर्मा / शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • नई दिल्लीय/ लखनऊ,
  • 27 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST
  • सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की है
  • मामले का ट्रायल दिल्ली में होने की मांग की है
  • SIT को अपनी रिपोर्ट सौंपने में 2-3 दिन और लगेगा

हाथरस गैंगरेप और हत्या मामले की जांच और न्यायिक सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार दोपहर 12 बजे फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच अपने फैसले से ये तय कर सकती है कि मामले का ट्रायल उत्तर प्रदेश से दिल्ली किया जाए या नहीं. कोर्ट इस बाबत भी फैसला देगा कि गवाहों और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर क्या अतिरिक्त आदेश देने की जरूरत है या नहीं. साथ ही ये भी निर्णय होगा कि सीबीआई जांच की निगरानी खुद सुप्रीम कोर्ट करेगा या नहीं. 

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सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की है कि इस मामले का ट्रायल दिल्ली में हो. हाथरस कांड में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग की गई है. दाखिल याचिका के मुताबिक, यूपी में मामले की जांच और सुनवाई निष्पक्ष नहीं हो पाएगी, इसलिए इसे दिल्ली ट्रांसफर किया जाए.

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इधर, हाथरस मामले में गठित SIT को अपनी रिपोर्ट सरकार को जमा कराने में अभी दो-तीन दिन का वक्त और लगेगा. SIT घटना के बाद राज्य में जातिगत संघर्ष के लिए उकसाने की कथित साजिश की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

बता दें कि बीती 4 सितंबर को हाथरस में एक 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित तौर पर चार उच्च-जाति के युवकों ने बलात्कार किया था. इस दौरान उसके साथ दरिंदगी की गई थी. पहले उसे इलाज के लिए अलीगढ़ भेजा गया था. जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रैफर कर दिया गया था. इलाज के दौरान 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी.

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