नोएडा: भीमा कोरेगांव मामले में DU के प्रोफेसर हनी बाबू के घर NIA की छापेमारी

भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद मामले में पुलिस ने हनी बाबू को पिछले महीने गिरफ्तार किया था. वे फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं.

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प्रोफेसर हनी बाबू की फाइल फोटो प्रोफेसर हनी बाबू की फाइल फोटो

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

  • हनी बाबू 4 अगस्त तक एनआईए की हिरासत में हैं
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाते हैं प्रो. हनी बाबू

नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हनी बाबू के नोएडा घर पर छापेमारी की है. घर में एनआईए की टीम ने तलाशी की. प्रोफेसर हनी बाबू 4 अगस्त तक एनआईए की हिरासत में हैं.

पिछले साल भी हनी बाबू के घर पर तलाशी हुई थी, लेकिन उसमें पुलिस की टीम शामिल थी. हनी बाबू के घर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे. पुलिस की टीम ने हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जब्त किए थे. बता दें, हनी बाबू दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाते हैं.

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पुलिस के मुताबिक एल्गार परिषद के कार्यक्रम में दिए गए भाषण से ही कोरगांव में हिंसा फैली थी. इसके बाद पिछले साल 1 जनवरी को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं बरसी पर दलित समुदाय ने हर साल की तरह जुलूस निकाला जिसमें पथराव की घटना सामने आई थी और हिंसा भड़क गई थी.

भीमा कोरेगावं एल्गार परिषद मामले में पुलिस ने हनी बाबू को पिछले महीने गिरफ्तार किया था. वे फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं. प्रोफेसर हनी बाबू पर भीमा कोरेगांव मामले में नक्सली गतिविधियों और माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप है. इसी आरोप में दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर साईं बाबा उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.

एनआईए के मुताबिक, प्रोफेसर हानी बाबू नक्सल गतिविधियों और नक्सली विचारधारा का लगातार समर्थन कर रहे थे. एनआईए ने गृह मंत्रालय के आदेश पर 24 जनवरी 2020 को यह केस लिया था. उसके बाद एनआईए ने 14 अप्रैल को गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े को गिरफ्तार किया.

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