मथुराः श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में जज ने फैसला सुरक्षित रखा, मस्जिद हटाने की मांग

याचिका में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को अवैध करार देते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की गई है. मस्जिद को हटाकर पूरी 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग की गई है.

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मथुरा में 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग (सांकेतिक-पीटीआई) मथुरा में 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग (सांकेतिक-पीटीआई)

aajtak.in

  • मथुरा,
  • 08 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 12:51 AM IST
  • श्री कृष्ण विराजमान की याचिका पर हुई सुनवाई
  • 1968 में हुए समझौते को रद्द किए जाने की मांग
  • 13.37 एकड़ जमीन जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की अपील

मथुरा के जिला और सत्र न्यायालय ने गुरुवार को मंदिर के पास से मस्जिद को हटाने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. श्री कृष्ण विराजमान की याचिका पर यह सुनवाई हुई थी.

श्री कृष्ण जन्मस्थान मामले में गुरुवार को जिला जज के न्यायालय में सुनवाई के दौरान वादी प्रतिवादी पक्ष उपस्थित हुए. ईदगाह कमेटी की ओर से अपील पर आपत्ति की गई. न्यायालय ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. श्री कृष्ण जन्मस्थान मामले में दायर पहले वाद में गुरुवार को जिला जज यशवंत मिश्रा की अदालत में सुनवाई हुई.

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इस मामले में पूर्व में ही अदालत की ओर से जारी नोटिस पर चारों प्रतिभागियों ने अपने वकालतनामा में दाखिल कर दिए हैं. 25 सितंबर को लखनऊ निवासी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और भगवान श्री कृष्ण विराजमान समेत आठ लोगों ने अदालत में वाद दायर किया था.

इसमें श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को अवैध करार देते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की गई है. मस्जिद को हटाकर पूरी 13.37 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को देने की मांग की गई है.

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इस मामले में अदालत ने चारों प्रतिभागियों श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड को नोटिस जारी किया था जिसमें चारों प्रतिवादियों की ओर से पूर्व में वकालतनामा दाखिल किए जा चुके हैं. इसी मामले में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा और माथुर चतुर्वेदी परिषद के अलावा सात अन्य लोगों ने भी पक्षकार बनने के लिए आवेदन कर रखा है.

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वादी एवं वकील विष्णु जैन का कहना है कि न्यायालय में सभी पक्षों के वकील उपस्थित हुए. ईदगाह कमेटी की ओर से अपील पर आपत्ति की गई जिस पर न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो शुक्रवार तक आ सकता है.

पहले इस मामले की सुनवाई 10 दिसंबर को होनी थी, लेकिन जिला जज की छुट्टी होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. तब कोर्ट ने सुनवाई की नई तारीख 7 जनवरी तय की थी. ऐसे में गुरुवार को सभी पक्षकारों अदालत में अपना जवाब दाखिल किया लेकिन जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया. (इनपुट-मदन शर्मा)

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