पुलिस मुख्य आरोपी राहुल को गिरफ्तार करने के लिए 3 साल से कोशिश कर रही थी. वह लगातार भागने में कामयाब हो जाता था. हैवेल्स इंडिया लिमिटेड ने इस मामले में 3 साल पहले शिकायत दर्ज कराई थी.
आरोपी राहुल की मुख्य महिला सहयोगी भी गिरफ्तार हुई है. यह महिला लोगों को अलग-अलग कंपनियों की ओर से फर्जी नौकरियां ऑफर करती थी. महिला कई बड़ी कंपनियों में काम दिलाने का लोगों को सपना दिखाती थी.
लगातार एड्रेस बदल रहा था आरोपी
आरोपी दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम देते थे, जिससे गिरफ्तारी से बचा जा सके. अलग-अलग कंपनियों की ओर से ईमेल बनाकर लोगों को जॉब के लिए ऑफर लेटर भेजा जाता था और घूमकर लोगों से ठगी की जाती थी.
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार पते बदल रहा था. अपने अपने नजदीकी सहयोगियों को भी अपना पता नहीं देता था. इसी वजह से वह लगातार बचने में कामयाब हो रहा था.
फेक इमेल के जरिए ऑफर करता था जॉब
हैवेल्स इंडिया लिमिटेड की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक एक अनजान शख्स लगातार इच्छुक लोगों से जॉब दिलाने के नाम पर धांधली करता था और खुद को कंपनी का कर्मचारी और मैनेजमेंट का हिस्सा बताता था. उसने इसके लिए कई फेक ईमेल आईडी भी बनाई थी.
लगातार नंबर बदल रहा था आरोपी
शिकायत करने वाली कंपनी को अलग-अलग जगहों से धांधली की सूचना मिली थी. आरोपी राहुल देहरादून का रहने वाला है और लगातार मोबाइल नंबर बदल रहा था. पूछताछ में मुख्य आरोपी राहुल कुमार ने कहा कि पहले वह टेलीकॉम सेंटर में काम करता था.
वहीं से उसे अलग-अलग मोबाइल ऐप के बारे में जानकारी मिली. वहीं से वह फर्जी इमेल बनाना भी सीखा. आरोपी की सहयोगियों में से ज्यादातर महिलाएं ही थीं. आरोपी शख्स ने 500 लोगों से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की थी.
ऐसे हुई आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस की टेक्निकल एनालिसिस टीम लगातार आरोपी को ट्रेस करने की कोशिश कर रही थी. ट्रायल के दौरान जिन-जिन नंबरों से उसने संपर्क करने की कोशिश की, उनकी ट्रेसिंग की गई. गाजियाबाद के एक घर में आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई. फिर पुलिस ने मौके पर जाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मौके से सभी उपकरण भी बरामद कर लिए. मामले की जांच जारी है.
तनसीम हैदर