पीयूष जैन के पैृतक आवास पर भी छापेमारी, जानबूझकर खटारा गाड़ी से चलता था इत्र कारोबारी

रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसियों को चकमा देने के लिए खटारा गाड़ी से चलने वाले पीयूष जैन के ठिकानों पर सोमवार की शाम तक नोटों की गिनती चलेगी जिसके बाद देर रात कुल कितनी रकम बरामद की गई है इसकी जानकारी सामने आएगी.

Advertisement
पीयूष जैन और उसकी खटारा कार पीयूष जैन और उसकी खटारा कार

संतोष शर्मा

  • कानपुर,
  • 27 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST
  • इत्र कारोबारी पीयूष जैन के पैतृक घर पर भी छापेमारी
  • लोगों और एजेंसियों की नजर में आने से बचने के लिए पुराना गाड़ी पर चढ़ता था पीयूष जैन

कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. करोड़ों रुपये कैश मिलने के बाद अब उनके पैतृक आवास पर भी छापेमारी चल रही है. डीजीजीआई की टीम के साथ एसबीआई की भी एक टीम नोट गिनने की तीन मशीनें लेकर वहां पहुंची है.

रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसियों को चकमा देने के लिए खटारा गाड़ी से चलने वाले पीयूष जैन के ठिकानों पर सोमवार की शाम तक नोटों की गिनती चलेगी जिसके बाद देर रात कुल कितनी रकम बरामद की गई है उसकी जानकारी सामने आएगी. 

Advertisement

वहीं दूसरी तरह इत्र कारोबारी पीयूष जैन को मेडिकल चेकअप के लिए उर्सुला अस्पताल ले जाया गया है. मेडिकल चेकअप के बाद उनकी कानपुर कोर्ट में पेशी होगी. बता दें कि रात भर डीजीजीआई की टीमों ने गुप्त स्थान पर पीयूष जैन को रखकर उनसे पूछताछ की है जिसके बाद सुबह फिर से छापेमारी शुरू हो गई. 

एक से डेढ़ साल में बदल देता था चौकीदार

आज तक की पड़ताल में सामने आया है कि पीयूष जैन अपनी कोठी की रखवाली में पुराना चौकीदार भी नहीं रखता था और ना ही कोई घरेलू नौकर था.

1 से डेढ़ साल में वो चौकीदार बदल देता था. आनंदपुरी वाली कोठी में भी उसने सिर्फ दो चौकीदार रखे थे और उन्हें साढ़े 7 हजार महीने की सैलरी मिलती थी. हैरानी की बात ये है कि चौकीदारों को भी घर के अंदर जाने की मनाही थी.

Advertisement

लोगों को चकमा देने के लिए पुरानी कार चलाता था पीयूष जैन

लोगों और एजेंसियों की निगाहों में आने से बचने के लिए अरबों की हैसियत वाला इत्र कारोबारी पीयूष जैन सालों पुरानी खटारा कारों से चलता था.

जानकारी के मुताबिक उसे महंगी गाड़ियों का कोई शौक नहीं था. वो दो पुरानी गाड़ियों को ही चलाता था. 15 साल पुरानी एक टोयोटा कार बेटे प्रत्यूष के नाम पर खरीदी थी जो कन्नौज में रजिस्टर्ड थी.

पीयूष जैन की दूसरी गाड़ी वॉक्सवैगन की है जो 7 साल पुरानी है और उसका इंश्योरेंस भी डेढ़ साल पहले नवंबर 2020 में खत्म हो चुका है.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »