नूरपुर और कैराना में हारी BJP, विपक्षी एकता के आगे पस्त

इस सीट पर 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन बीजेपी के अवनी सिंह और सपा के नईम-उल-हसन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. ये सीट बीजेपी के लोकेंद्र सिंह चौहान के निधन की वजह से खाली हुई थी.

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पीएम मोदी और अमित शाह (फाइल) पीएम मोदी और अमित शाह (फाइल)

रणविजय सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2018,
  • अपडेटेड 3:40 AM IST

लोकसभा की 4 और विधानसभा की 10 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए. इन चुनावों में सबकी नजर यूपी की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर रही. बीजेपी को नूरपुर में करारी हार मिली है.  

कैराना में हारी बीजेपी

बहुचर्चित कैराना लोकसभा सीट पर रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने बड़ी जीत हासिल की है. तबस्सुम को 481182 वोट मिले. वहीं, बीजेपी की उम्मीदवार मृगांका सिंह को 436564 वोट मिले हैं. तबस्सुम ने 44618 वोट के अंतर से जीत दर्ज की है. रालोद उम्मीदवार तबस्सुम को सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष का समर्थन प्राप्त था.

बता दें, यह सीट हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई है. इस सीट पर तबस्सुम हसन ने बड़ी बढ़त बनाई हुई है. 2014 के लोकसभा चुनाव में हुकुम सिंह ने यहां करीब 3 लाख वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराया था. ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यूपी की कैराना लोकसभा सीट पर सोमवार को हुए उपचुनाव के बाद बुधवार को 73 बूथों पर फिर से वोटिंग कराई गई.

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नूरपुर विधानसभा सीट हारी बीजेपी

उत्तर प्रदेश की नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा उम्मीदवार ने 6211 वोटों से जीत दर्ज की. यूपी के नुरपुर में 61 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस सीट पर 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन बीजेपी के अवनी सिंह और सपा के नईम-उल-हसन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. ये सीट बीजेपी के लोकेंद्र सिंह चौहान के निधन की वजह से खाली हुई थी.

नूरपुर से बीजेपी उम्मीदवार अवनी सिंह ने हार के बाद कहा, 'हार स्वीकार है पर दुख नहीं है. हम जनता की शिकायत दूर करेंगे. बीजेपी ने जनता के लिए निःस्वार्थ सेवा की है.'

महागठबंधन के आगे पस्‍त बीजेपी

कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए बहुत ज्‍यादा मायने रखती हैं, क्‍योंकि दोनों ही सीट बीजेपी के सांसद और विधायक के निधन के बाद खाली हुई थी. ऐसे में उन्‍हें उम्‍मीद थी कि इन सीटों से वो बड़ी जीत दर्ज करेंगे. इसके लिए बीजेपी के स्‍टार प्रचारकों ने भी एड़ी चोटी का दम लगा दिया था, लेकिन विपक्षी दलों के इस महागठबंधन ने बीजेपी को इस चुनाव में पस्‍त कर दिया.

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