यूपीः 150 करोड़ की लागत से स्मार्ट बनेंगे ग्रेटर नोएडा के 14 गांव, मायचा से हुई शुरुआत

प्राधिकरण ने पहले चरण में जिन 14 गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल की है उनमें ग्राम मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लड़पुरा, अमीनाबाद (नियाना), सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द-तिगड़ी, युसुफपुर चक शाहबेरी शामिल हैं.

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सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और दादरी विधायक ने की शुरुआत सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और दादरी विधायक ने की शुरुआत

तनसीम हैदर

  • ग्रेटर नोएडा,
  • 13 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • सांसद-विधायक और सीईओ ने रखी आधारशिला
  • मायचा को स्मार्ट विलेज बनाने पर खर्च होंगे 12 करोड़

ग्रेटर नोएडा के 14 गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल हो गई है. गुरुवार को स्थानीय सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा, दादरी के विधायक तेजपाल नागर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बिजेंद्र भाटी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने मायचा गांव से इसकी शुरुआत की. मायचा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉक्टर महेश शर्मा ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 40 फीसदी रोजगार मिलेगा.

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डॉक्टर शर्मा ने कहा कि स्मार्ट विलेज बनाने की पहल से स्थानीय युवा बेरोजगार नहीं रहेंगे. स्मार्ट विलेज योजना से गौतमबुद्ध नगर के सभी गांवों की सूरत बदल जाएगी. दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार ने जो भी वादे किए, उसे पूरा किया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बिजेंद्र भाटी ने किया.

इस कार्यक्रम में शामिल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि मायचा को स्मार्ट विलेज बनाने में करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे. गांव के तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. खेल का मैदान विकसित किया जाएगा. रोड, बिजली, सीवर, पानी, सामुदायिक केंद्र, कॉमन हॉल, लाइब्रेरी आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि इन कार्यों को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अब डेटा सेंटर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के मामले में देश के चुनिंदा शहरों में से एक बन गया है. गंगाजल की परियोजना बहुत जल्द पूरी होने वाली है. उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों पर नजर रखने और गड़बड़ी मिलने पर सूचना देने, अपनी समस्याओं की जानकारी देने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट और मित्रा ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की. पहले फेज के अंतर्गत चुने गए 14 गांवों में विकास कार्यों पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस दौरान बीजेपी के जिलाध्यक्ष विजय भाटी, अन्नू पंडित, हरेंद्र भाटी, सरदार मंजीत सिंह आदि मौजूद रहे.

पहले चरण में ये 14 गांव बनेंगे स्मार्ट

प्राधिकरण ने पहले चरण में जिन 14 गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल की है उनमें ग्राम मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लड़पुरा, अमीनाबाद (नियाना), सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द-तिगड़ी, युसुफपुर चक शाहबेरी शामिल हैं. इन गांवों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो गई है. सभी गांवों में इस साल के अंत तक काम शुरू हो जाएगा. इसके अलावा पांच और गांव स्मार्ट बनाए जाएंगे जिनमें चुहड़पुर, पुराना हैबतपुर, बिसरख, हल्दौनी, रिछपाल गढ़ी शामिल हैं. इन गांवों की परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया चल रही है. 

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स्मार्ट विलेज के तहत होंगे ये काम

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