UP: बीजेपी कार्यकर्ता की मौत के बाद डीएम-एसपी को CM अखिलेश ने किया सस्पेंड

सरकार ने ये निलंबन उस बवाल के बाद किया, जिसमें बलिया के नरही थाने के बाहर हुई गोलीबारी में एक बीजेपी समर्थक विनोद राय की मौत पुलिस की गोली से हो गई.

Advertisement
पुलिस की गोली लगने से हुई थी मौत पुलिस की गोली लगने से हुई थी मौत

लव रघुवंशी / कुमार अभिषेक

  • बलिया,
  • 14 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया शहर में पिछले दो दिनों से चल रहा बवाल थम गया, जब गोलीकांड में एक बीजेपी समर्थक की मौत के बाद अखिलेश सरकार ने बलिया के डीएम और एसपी को सस्पेंड कर दिया. बीती रात अखिलेश सरकार ने निलंबन के आदेश जारी कर दिए.

पुलिस की गोली से हुई मौत
सरकार ने ये निलंबन उस बवाल के बाद किया, जिसमें बलिया के नरही थाने के बाहर हुई गोलीबारी में एक बीजेपी समर्थक विनोद राय की मौत पुलिस की गोली से हो गई. बलिया के नरही थाने के बाहर शुक्रवार से ही बीजेपी के विधायक उपेंद्र तिवारी कथित पशु तस्कर को छुड़ाने के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठे थे, जब पुलिस ने की बात नहीं मानी और जबरन विधायक को हटाने के लिए बीजेपी नेताओं और समर्थकों पर लाठी चार्ज किए तो देर रात बवाल मच गया. दोनों ओर से बवाल हुआ जिसमें अंधेरी रात में पुलिस की गोली से एक बीजेपी समर्थक की मौत हो गई. हालांकि तीन लोगों की मौत का दावा कर रहे हैं. फिलहाल पूरा नरही थाना छावनी में तब्दील है ताकि हालात नहीं बिगड़े.

Advertisement

पशुओं को तस्करी के लिए ले जा रहा था
बीजेपी के नेता उपेंद्र तिवारी का आरोप था कि चंद्रमा यादव पशु तस्कर नहीं था, बल्कि उसने तीन गाएं और दो बछड़े खरीदे थे, जिसकी रसीद उसके पास थी और उसे लेकर वो आ रहा था जबकि पुलिस ने उसे जबरन पशु तस्कर करार कर उसके पशुओं को उठाकर ले आई है. पुलिस के मुताबिक चंद्रमा यादव पांच पशुओं जिसमें तीन गाय और दो बछड़े थे उसे गाड़ी में लादकर तस्करी के लिए ले जा रहा था और सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्यवाई की थी, जिसके बाद ड्राइवर और ले जा रहा शख्स मौके से फरार हो गया था.

सवालों के घेरे में बीजेपी
इस मामले में डीएम राकेश कुमार और एसपी मनोज झा को सस्पेंड किए जाने के बाद फिलहाल अब तक नई तैनाती नहीं की गई है, लेकिन इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. गोलीबारी को लेकर सवाल पुलिस पर उठे हैं तो सवाल बीजेपी पर भी है कि कहीं इसके नेता पशु तस्करों के लिए तो खड़े नहीं हो रहे. राज्य में चुनाव होने है और हर छोटी बड़ी बात अब सियासी रंग ले रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »