कोरोना संकट के बीच यूपी-बिहार बॉर्डर पर गंगा में मिलीं दर्जनों लाशें, इलाके में दहशत

मामला उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के गहमर थाना क्षेत्र का है, जहां बिहार की तरफ बहने वाली गंगा में दर्जनों शव किनारों पर उतराते हुए मिले हैं. जिससे क्षेत्र में बदबू और दूसरे किस्म के संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है.

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गंगा नदी का एक घाट (सांकेतिक फोटो- पीटीआई)  गंगा नदी का एक घाट (सांकेतिक फोटो- पीटीआई)

विनय कुमार सिंह

  • गाजीपुर ,
  • 11 मई 2021,
  • अपडेटेड 10:50 AM IST
  • गंगा में कई जगहों पर शव मिलने का सिलसिला जारी
  • यूपी-बिहार बॉर्डर पर नदी में मिलीं दर्जनों लाशें
  • घटना से कोरोना महामारी के बीच लोगों में दहशत

कोरोना महामारी के बीच नदी में कई जगहों पर शव मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है. बक्सर के बाद अब यूपी-बिहार बॉर्डर के गहमर गांव के पास गंगा नदी में दर्जनों लाशें मिली हैं. इतनी बड़ी संख्या में शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. लोगों को संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा सताने लगा है. शवों के मिलने की सूचना जिला प्रशासन को देकर गुहार लगाई गई है कि इन्हें जल्द से जल्द सही ठिकाने लगाया जाए.

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मामला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के गहमर थाना क्षेत्र का है, जहां बिहार की तरफ बहने वाली गंगा में दर्जनों शव किनारों पर मिले हैं. जिससे क्षेत्र में बदबू और दूसरे किस्म के संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है. 

आपको बता दें कि गाजीपुर से बिहार की तरफ बहने वाली गंगा नदी गहमर थाना क्षेत्र के गहमर गांव से होकर गुजरती है. इसके आगे बिहार का चौसा क्षेत्र शुरू हो जाता है. स्थानीय लोगों की माने तो आजकल कोरोना संक्रमण के चलते मौतों का आंकड़ा कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है. हिंदू धर्म शास्त्रों को मानने वाले दो तरह से शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं. एक चिता जलाकर और दूसरा शवों को जल में प्रवाहित करके. इस समय ज्यादातर लोग शव को जल में प्रवाहित कर रहे हैं. 

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स्थानीय गहमर निवासी अखंड प्रताप का कहना है कि कोरोना काल में ज्यादातर लोग लाशों को जला नहीं रहे हैं, लोग ज्यादातर जल प्रवाह कर दे रहे हैं. लकड़ी की कमी से लोग शव को जल में प्रवाहित कर रहे हैं. अखंड ने आगे कहा कि गंगा में अधजले शव भी जगह-जगह उतराते हुए मिल रहे हैं, इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. इससे महामारी का खतरा फिर पैदा हो रहा है. 

नाविक ने ऐसा कभी नहीं देखा

वहीं गंगा में नाव चलाने वाले बुजुर्ग नाविक शिवदास ने बताया कि वो चालीस साल से नाव चलाने का काम कर रहे हैं, लेकिन गंगा में इतनी संख्या में बिखरे शवों का मंजर उन्होंने इससे पहले कभी नहीं देखा था. उन्होंने बताया कि दूर-दूर से लोग, बिहार से भी आकर शवों को गंगा में फेंककर चले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे बदबू और गंदगी काफी फैल रही है, जिससे यहां अब कोई नहाना या गंगा जल भी पीना नहीं चाहता. चारों तरफ गंगा में धारा कम होने की वजह से लाशें किनारों पर बिखरी पड़ी हैं. 

इस पूरे मामले में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गंगा में लाशों के मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि ये मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि देर शाम एक जांच टीम भी मौके पर भेजी गई है. रिपोर्ट आने के बाद उचित करवाई करेंगे.

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गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के बक्सर जिले में गंगा नदी में कम से कम 30 शव बरामद किए गए थे. जिला प्रशासन ने दावा किया है कि बरामद शव बह कर आए हैं. कहा गया ये शव बिहार के न होकर उत्तर प्रदेश से बहकर आए हैं, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

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