UP सरकार ने दिए BHU में हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश, VC बोले- गलती नहीं मानूंगा

बीएचयू के कुलपति ने कहा कि मीडिया एजेंडा चला रही है और अन्याय कर रही है. उधर, मामले को लेकर वाराणसी कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने BHU के वीसी को दिल्ली तलब किया है.

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बीएचयू पर बवाल जारी बीएचयू पर बवाल जारी

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:25 PM IST

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में छेड़खानी के खिलाफ सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं पर लाठीचार्ज के मामले पर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने मामले की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है, जिसमें बवाल बढ़ने के लिए बीएचयू प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है. वहीं, यूपी सरकार ने बीएचयू में हिंसा मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

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उधर, मामले को लेकर आजतक के सवाल पर भड़के बीएचयू के वीसी गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा, 'मैं इस मामले में अपनी गलती क्यों स्वीकार करूं? हमने भी अपनी कमेटी रिपोर्ट तैयार की है, जिसको पेश किया जाएगा. फिलहाल मैं कार्यकारी बैठक के लिए दिल्ली आया हूं.' इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि मीडिया एजेंडा चला रही है और अन्याय कर रही है.

मामले को लेकर के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने BHU के वीसी को दिल्ली तलब किया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बीएचयू हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. सूत्रो की माने तो अब BHU VC को छुट्टी पर भेजा जा सकता है. इसके अलावा बीएचयू ने मेसर्स शिव शक्ति सिक्युरिटी सर्विसेज को पत्र लिखकर तुरंत 20 महिला सुरक्षाकर्मियों की मांग की है. इसमें प्राथमिकता के आधार पर 20 महिला सुरक्षाकर्मियों विश्वविद्यालय की छात्राओं की सुरक्षा में तैनात करने का निर्देश दिया गया है.

वाराणसी कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने चीफ सेकेट्ररी राजीव कुमार को दी गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि ने पीड़ित की शिकायत पर ढंग से कार्रवाई नहीं की और ना ही हालात को सही तरीके से संभाला गया. बता दें कि BHU में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के बाद किए जा रहे धरना प्रदर्शन और विरोध से माहौल काफी बिगड़ गया था.

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