तीन तलाक पर बोला RSS-कट्टरपंथियों के मुंह बंद, अब कानून बनाए केंद्र

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरकार को इस कुप्रथा से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं और उनके बच्चों के लिये विशेष केंद्र भी स्थापित करना चाहिए ताकि उन्हें ठीक ढंग से शिक्षा मिल पाए जिससे की वह भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

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संघ के पदाधिकारी इंद्रेश कुमार संघ के पदाधिकारी इंद्रेश कुमार

BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने आज कहा कि इस फैसले ने इस्लामी कट्टरपंथियों के मुंह बंद कर दिए हैं और अब इसके संबंध में उपयुक्त कानून बनाए जाने चाहिए. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरकार को इस कुप्रथा से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं और उनके बच्चों के लिये विशेष केंद्र भी स्थापित करना चाहिए ताकि उन्हें ठीक ढंग से शिक्षा मिल पाए जिससे की वह भी आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

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रिपोर्टर से बात चीत में कहा कि आज का निर्देश देश के लिए और खास तौर पर महिलाओं के लिए ऐतिहासिक हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आज तीन तलाक पर अपने फैसले से एक बड़ी सामाजिक समस्या का समाधान निकालने का काम किया है इस समस्या से नौ करोड़ महिलाएं प्रभावित हो रही थी. साथ ही कहा कि इस फैसले ने इस्लामी कट्टरपंथियों के मुंह बंद कर दिए हैं जो गलत व्याख्या करके महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी कर रहे थे. इसके कारण महिलाएं परेशान हो रही थी. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अब इसके संबंध में एक उपयुक्त कानून बनाया जाना चाहिए. जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे बुराई का समर्थन कर रहे हैं.

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उल्लेखनीय है कि की संविधान पीठ ने बहुमत के निर्णय में मुस्लिम समाज में एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा को निरस्त करते हुए आज अपनी व्यवस्था में इसे असंवैधानिक, गैरकानूनी और अमान्य करार दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक की यह प्रथा कुरान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने 365 पेज के फैसले में कहा, '3:2 के बहुमत से दर्ज की गई अलग-अलग राय के मद्देनजर तलाक-ए-बिद्दत तीन तलाक को निरस्त किया जाता हैं'.

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