यूपी चुनाव के बाद इस्तीफा दे सकती हैं सोनिया, राहुल बनेंगे कांग्रेस अध्यक्ष

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और एके एंटनी ने राहुल की मौजूदगी में कहा कि समय आ गया है अब राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बन जाना चाहिए.

Advertisement
सोनिया गांधी सोनिया गांधी

लव रघुवंशी

  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की कमान संभाल सकते हैं. खबर है कि अध्यक्ष सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद पद से इस्तीफा दे सकती हैं. स्वास्थ्य को देखते हुए सोनिया गांधी ये फैसला ले सकती हैं.

'इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक सोनिया काफी पहले से ही इस्तीफा देना चाहती थी, लेकिन पार्टी के पुराने नेता चाहते हैं कि वो अगले साल होने वाले दो प्रमुख राज्यों में चुनावों तक पद पर बनी रहें. फरवरी से मार्च के बीच पंजाब और उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं.

Advertisement

अभी हाल ही में में राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने के लिए एक स्वर में प्रस्ताव पास किया गया था. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और एके एंटनी ने राहुल की मौजूदगी में कहा कि समय आ गया है अब राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बन जाना चाहिए. जिसके बाद सभी नेताओं ने इसका समर्थन कर दिया. सर्वसम्मति से कार्यसमिति ने इसके लिए सिफारिश कर दी.


हालांकि बैठक में ये भी फैसला किया गया था कि अभी सोनिया गांधी ही पार्टी अध्यक्ष बनी रहेंगी. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी के आंतरिक चुनाव के लिए एक साल का वक्त मांगा है. बैठक में मौजूद राहुल ने कहा कि जो भी पार्टी और कमेटी फैसला करेगी, वो करने को तैयार हैं. जब राहुल से अध्यक्ष बनने को कहा गया तो राहुल ने कहा कि मैं तैयार हूं, लेकिन किसी के मन में कोई संदेह हो तो प्लीज मुझे बताएं. मैं वरिष्ठ और युवाओं के सामंजस्य के साथ चलना चाहता हूं.

Advertisement

गांधी परिवार तय करेगा तारीख
इस मुद्दे पर पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि खुद राहुल गांधी भी हर चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. लेकिन आधिकारिक तौर पर राहुल कब कमान संभालेंगे, इस पर सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक या फिर अधिवेशन बुलाकर राहुल को अध्यक्ष बनाया जाएगा, जिसकी एक प्रक्रिया है. ये कल भी हो सकता है, दिसंबर में भी हो सकता है और अगले साल भी. यानी एक बार फिर तारीख सामने नहीं आ पाई. साथ ही कार्यसमिति ने प्रस्ताव पास कर चुनाव आयोग को भी भेज दिया कि पार्टी के संगठन के चुनाव के लिए उसको दोबारा एक साल का एक्सटेंशन चाहिए, यानी दिसंबर 2017 तक का वक्त.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »