ट्रेन में 7 रुपये में कॉफी तो 50 में मिलेगा खाना, रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी जारी

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी जारी की. नई पॉलिसी के मुताबिक आईआरसीटीसी को देश भर में ट्रेनों में खान-पान की जिम्मेदारी दे दी गई है.

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IRCTC के पास खाने की जिम्मेदारी IRCTC के पास खाने की जिम्मेदारी

सिद्धार्थ तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी जारी की. नई पॉलिसी के मुताबिक आईआरसीटीसी को देश भर में ट्रेनों में खान-पान की जिम्मेदारी दे दी गई है. इसके अलावा सभी जोनल रेलवे के पैंट्री कार सर्विस कॉन्ट्रैक्ट भी आईआरसीटीसी को दिए जाएंगे.

रेलमंत्री सुरेश प्रभू ने कहा कि अब यात्रियों को होगी. खाना बनाने से लेकर परोसने तक के काम में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े अनुभवी स्टाफ ही जिम्मेदारी संभालेंगे. अब तक जिन ट्रेनों में दूसरी कम्पनियों के पास कैटरिंग का ठेका है उसका टाइम पूरा होने के बाद जिम्मेदारी के पास आ जाएगी.

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महिलाओं को आरक्षण
नई कैटरिंग पॉलिसी में महिलाओं के सशक्तिकरण पर खास ध्यान दिया गया है. कैटरिंग ठेकों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण की व्यवस्था की गई है. साथ ही सभी बेस किचन जोनल रेलवे के अधीन होंगे. इसके अलावा A-1 और A श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर चलने वाले जन-आहार और फूड प्लाजा, फूड कोर्ट की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी के पास होगी.

नई ट्रेन को हरी झंडी
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई. हमसफर क्लास में शुरु की गई ये चौथी ट्रेन है. वहीं एर्नाकुलम से हावड़ा के बीच चलने वाली अंत्योदय ट्रेन के बारे में रेलमंत्री ने कहा कि पूरी तरह से अनारक्षित श्रेणी की यह ट्रेन सारी सुविधाओं से लैस है.

बता दें कि मौजूदा कैटरिंग पॉलिसी साल 2010 में लागू की गई थी.

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