महाराष्ट्रः किसानों की कर्जमाफी में गड़बड़झाला, सरकार के पास नहीं लाभान्वित किसानों की जानकारी

बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की ओर से की गई कर्जमाफी की घोषणा का लाभ मुंबई के 813 किसानों को भी मिला है. इससे लोग हैरत में हैं. आरटीआई एक्टीविस्ट अनिल गलगली ने सरकार से इस बारे में जानकारी मांगी थी. गलगली ने अपने आवेदन में मुंबई के लाभान्वित किसानों के नाम मांगे थे.

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस

नंदलाल शर्मा

  • मुंबई ,
  • 12 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

जून महीने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी. छत्रपति शिवाजी महाराज कृषि सम्मान योजना स्कीम के तहत किसानों का 1.5 लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया. हालांकि चौंकाने वाली बात ये है कि महाराष्ट्र सरकार के पास इस बात का कोई आंकड़ा नहीं है इस योजना के तहत कितने और किन-किन किसानों को लाभ मिला है. सरकार के पास उन किसानों के नाम नहीं हैं, जिनको इस योजना का लाभ मिला है. इसका खुलासा आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी में हुआ है. बता दें कि इस योजना से सरकारी कोष पर 34 हजार करोड़ रुपये का बोझ आने वाला था.

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बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की ओर से की गई कर्जमाफी की घोषणा का लाभ मुंबई के 813 किसानों को भी मिला है. इससे लोग हैरत में हैं. आरटीआई एक्टीविस्ट अनिल गलगली ने सरकार से इस बारे में जानकारी मांगी थी. गलगली ने अपने आवेदन में मुंबई के लाभान्वित किसानों के नाम मांगे थे.

महाराष्ट्र सरकार के को-ऑपरेशन मार्केटिंग और टेक्सटाइल डिपार्टमेंट के पब्लिक इनफॉरमेशन ऑफिसर डीएम राणे ने गलगली को जानकारी दी कि राज्य सरकार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी से सूचना मिली थी. इसके मुताबिक मुंबई के उपशहरीय इलाके के 694 किसानों पर 45.05 करोड़ का कर्ज था और 119 किसानों पर 0.12 करोड़ का कर्ज था.

राणे ने कहा कि सरकार के पास किसानों के नाम की सूची नहीं है. यह सूची बैंकर्स के पास है.

अनिल गलगली ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि सरकार के पास डाटा नहीं है. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने खुद ट्वीट कर इस योजना से लाभान्वित किसानों की संख्या के बारे में जानकारी दी थी. अब सरकार कह रही है कि उसके पास ऐसा कोई डाटा नहीं है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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फड़नवीस ने घोषणा की थी कि किसानों की कर्जमाफी गहन जांच के बाद ही होगी. इसके उलट राज्य सरकार के पास कोई डाटा नहीं है. सवाल ये है कि जब सरकार के पास किसानों का डाटा ही नहीं है, तो कर्जमाफी कैसे हुई? एनसीपी के नबाव मलिक ने सरकार से इस मामले में गहन जांच कराने को कहा है, जोकि बड़े आर्थिक घोटाले की ओर इशारा करता है.

 

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