पीएम मोदी ने कहा- 'एक देश एक विधान' के बाद अब 'एक देश एक चुनाव' की बारी

देश के 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित करते हुए एक देश, एक चुनाव के विचार को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. पीएम ने कहा कि देश के एकीकरण की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

देश के 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित करते हुए एक देश एक चुनाव के विचार को आगे बढ़ाया. पीएम ने कहा कि आज देश में व्यापक रूप से चर्चा चल रही है कि एक देश एक साथ चुनाव हो. हालांकि यह लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए. पीएम ने कहा कि देश के एकीकरण की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए.

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पीएम मोदी ने कहा, 'हमने जीएसटी के माध्यम से 'वन नेशन वन टैक्स' के सपने को साकार किया. उसी प्रकार पिछले दिनों ऊर्जा के क्षेत्र में 'वन नेशन वन ग्रिड' का काम भी सफलतापूर्वक संपन्न किया. उन्होंने कहा कि हमने वन नेशन वन मोबिलिटी कार्ड की व्यवस्था विकसित की.' इसी तरह से अब एक देश एक चुनाव की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है.

बता दें कि पिछले साल अगस्त में विधि आयोग ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश की थी, ताकि जनता के धन को बचाया जा सके. इस संबंध में एक मसौदा कानून मंत्रालय को सौंपा जा चुका है. हालांकि उसमें यह भी कहा गया है कि संविधान के मौजूदा स्वरूप में एक साथ चुनाव संभव नहीं है.

केंद्र की मोदी सरकार पिछले कुछ समय से एक देश एक चुनाव के विचार पर काम कर रहा है. सरकारी थिंक-टैंक नीति आयोग ने पिछले साल सुझाव दिया था कि 2024 से लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ दो चरणों में कराया जाए, ताकि चुनाव प्रचार संक्षिप्त हो और प्रशासन में व्यवधान कम हो. इस मुद्दे पर गहन विचार विमर्श के लिए सरकार एक समिति का गठन करेगी.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी न कभी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपनों को साकार करने के लिए ऐसी और भी नई चीजों को हमें जोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि आज हर हिंदुस्तानी कह सकता है कि वन नेशन, वन विधान. हम सरदार साहब के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को चरितार्थ करने में लगे हुए हैं. हमें देश को जोड़ने के लिए, इसे मजबूत करने के लिए लगातार कदम बढ़ाने चाहिए और यह प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे नीति-निर्माताओं ने देश के एकीकरण के लिए, राष्ट्र की एकता के लिए कठिन वक्त में भी कठोर फैसले लिए. उन्होंने कहा कि आज राजनीति पार्टियां फैसले लेने से पहले अपने राजनीतिक भविष्य का लेखा-जोखा देखती हैं. पीएम ने कहा, 'मेरे लिए देश का भविष्य ही सबकुछ है, राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं होता.'

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