राज्यसभा में गूंजा गुजरात के कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे का मामला

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी जबरन विधायकों को डराने धमकाने में लगी है. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम सिंह रुपाला ने कहा कि ये राज्य का अंदरूनी मामला है.

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गुलाम नबी आजाद-आनंद शर्मा गुलाम नबी आजाद-आनंद शर्मा

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

शुक्रवार को राज्यसभा में हंगामे पर हंगामा होता रहा. सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई. सदन के भीतर गुजरात में कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद ने यह मुद्दा उठाया. कांग्रेस ने राज्यसभा में गुजरात विधायकों के इस्तीफे को बीजेपी की चाल बताया.

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गुजरात विधायकों के इस्तीफे का मामला सदन में उठाते हुए कांग्रेस ने कहा, "तीन विधायक इस्तीफा करवाते हैं और उनमें से एक को जो चीफ व्हिप था बीजेपी उसको टिकट देती है. एक विधायक पी एल पटेल पार्टी की बैठक के बाद दूसरे विधायक के वहां चाय पर दूसरे के घर गया और वहां डीएसपी गया और बोला तुम्हें टिकट नहीं मिलेगा. अब आपकी गुजरात की पुलिस तय करेगी कि कांग्रेस में किसको टिकट मिलेगा."

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी जबरन विधायकों को डराने धमकाने में लगी है. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम सिंह रुपाला ने कहा कि ये राज्य का अंदरूनी मामला है. गौरतलब है कि गुजरात के राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं बीजेपी की ओर से तीन सीटों पर अमित शाह, स्मृति ईरानी और कल इस्तीफा दे चुके कांग्रेसी विधायक बलवंत सिंह राजपूत ने नामांकन दाखिल किया है.

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इस मुद्दे पर 'आज तक' ने के सचिव राजीव से खास बातचीत की. उन्होंने कहा, "8 दिन पहले शंकर बापू भी हमारे साथ थे. अब शंकर बापू जाएंगे तो 2, 4 विधायक भी उनके साथ जाएंगे. विधायक कम ज्यादा होंगे लेकिन जिस प्रकार का समर्थन अहमद भाई को मिल रहा है मुझे लगता है बीजेपी की दो ऑफिशियल कैंडिडेट से भी ज्यादा वोट अहमद भाई को मिलेंगे. यही बात नहीं है. जिस तरह से 22 साल से भाजपा गुजरात में फैल रही है सिर्फ भाषण और जुमलों से सरकार चलाई है तो हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि दो तिहाई से हम जीतेंगे 100 फीसदी दी आंकड़े हमारे साथ हैं."

इसी मुद्दे पर की चीफ व्हिप रजनी पाटिल ने 'आज तक' से कहा, "हमारा सिर्फ यह कहना है कि जो सरकारी यंत्र हैं, जो एनकाउंटर वाले केस में बाहर आए हैं DSP वह हमारे विधायकों के पास जाते हैं और कहते क्या हैं बीजेपी से क्यों नहीं लड़ते चुनाव. तो यह सही नहीं. यह लोकतंत्र की सही मायनों में हत्या है. इस तरह से विधायकों को डिस्टर्ब नहीं कर सकते. पुलिस की तरफ से विधायकों को धमकाया जा रहा है.

गुजरात से सांसद दिलीप भाई पांड्या ने 'आज तक' से कहा, "झूठ बात है. कांग्रेस के लोग कुछ भी कहें. अपना घर संभालना कांग्रेस का काम है. हमारा काम नहीं है. कांग्रेस कोर्ट जाए, चुनाव आयोग के पास जाए. कोई उनकी पार्टी का सुनता नहीं है. मैं आंकड़ों पर टिप्पणी नहीं कर सकता. कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसके पास कितने MLA हैं.

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