10 करोड़ का निवेश करने वाले विदेशी को मिलेगा स्थायी निवासी का दर्जा

देश में कम से कम 10 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने वाले विदेशी निवेशकों को अब निवासी का दर्जा दिया जा सकता है जिससे वह देश में मकान खरीद सकेंगे और उनके लिए वीजा व्यवस्था लचीली की जाएगी.

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वित्त मंत्री अरुण जेटली वित्त मंत्री अरुण जेटली

सबा नाज़ / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:09 AM IST

देश में कम से कम 10 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने वाले विदेशी निवेशकों को अब निवासी का दर्जा दिया जा सकता है जिससे वह देश में मकान खरीद सकेंगे और उनके लिए वीजा व्यवस्था लचीली की जाएगी. साथ ही उनके परिवार के सदस्यों को नौकरी का अवसर और अन्य सहूलियतें भी दी जाएंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए ये घोषणा की.

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उन्होंने कहा कि यदि भारत में आप एक न्यूनतम स्तर का करते हैं, तो आपको वीजा उपलब्ध होगा साथ ही संपत्ति खरीदने का अधिकार मिलेगा. परिवार के सदस्यों को नौकरी का अवसर मिलेगा. इस योजना से भारत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सुगमता से आगे बढाने में मदद मिलेगी. वही कैबिनेट ने दूसरा बड़ा फैसला शत्रु सम्पत्ति अधिनियम संशोधन विधेयक में संशोधन करने वाले अध्यादेश को जारी कार्यों पर आज स्वीकृति प्रदान की. यह अध्यादेश चौथी बार जारी किया गया है.

शत्रु सम्पत्ति अधिनियम करीब पांच दशक पुराना है. इसे देश में उन लोगों की पर उत्तराधिकार या हस्तांरण की दावेदारी के निषेध के लिए बनाया गया जो विभिन्न लड़ाइयों में भारत को छोड़ कर पाकिस्तान या चीन चले गए हैं. इसके अलावा ने केंद्रीय अंतर्देशीय जल परिवहन निगम को विसर्जित करने की मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सीआईडब्ल्यूटीसी को भंग करने की मंजूरी दी गई है. एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि सीआईडब्ल्यूटीसी में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना को वर्ष 2015 में क्रियान्वित किया गया था.

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