VIDEO से खुली ड्रैगन की पोल, देखें- लद्दाख में कैसे 15 अगस्त को कर रहे थे चीनी सैनिक पत्थरबाजी

स्वतंत्रता दिवस के दिन लद्दाख में भारतीय सेना पर चीन की पीपुल लिबरेशन आर्मी की पत्थरबाजी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आई हैं. इस वीडियो फुटेज में चीनी सैनिक भारतीयों के साथ हाथापाई करते हैं और बाद में पत्थरबाजी करने लगते हैं.

Advertisement
लद्दाख में चीनी पत्थरबाजी की एक्सक्लूसिव तस्वीर लद्दाख में चीनी पत्थरबाजी की एक्सक्लूसिव तस्वीर

मंजीत नेगी / नंदलाल शर्मा

  • लद्दाख ,
  • 19 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 12:15 AM IST

स्वतंत्रता दिवस के दिन लद्दाख में भारतीय सेना पर चीन की पीपुल लिबरेशन आर्मी की पत्थरबाजी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आई हैं. इस वीडियो फुटेज में चीनी सैनिक भारतीयों के साथ हाथापाई करते हैं और बाद में पत्थरबाजी करने लगते हैं.इस एक्सक्लूसिव फुटेज के सामने आने के बाद चीन की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं. क्योंकि इससे पहले ड्रैगन घटना की जानकारी न होने की बात कहता रहा है.

Advertisement

बता दें कि लगभग दो महीने से डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन आमने-सामने हैं और भारत और चीन की सेनाओं के बीच 15 अगस्त को पेंगोंग झील के पास टकराव की स्थिति आ गई. भारतीय सैनिकों ने लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में घुसने की चीनी सैनिकों की कोशिश को नाकाम कर दिया था, जिसके बाद पथराव हुआ और उसमें दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आईं.

गतिरोध लगभग आधे घंटे तक चला और फिर दोनों पक्ष वापस चले गए. घुसपैठ की कोशिश में नाकाम होते देख चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी. पत्थरबाजी से दोनों तरफ सैनिकों को हल्की चोटें आईं.

फिंगर फोर एवं फिंगर फाइव में चीनी घुसपैठ की कोशिश 

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने 15 अगस्त को सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच दो क्षेत्रों फिंगर फोर एवं फिंगर फाइव में भारतीय भूभाग में प्रवेश करने का प्रयास किया. किन्तु सतर्क भारतीय सैनिकों ने उनके दोनों प्रयासों को विफल कर दिया. चीनी सैनिकों ने जब पाया कि आईटीबीपी के कर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाकर उनका रास्ता रोक दिया गया है तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया. भारतीय सैनिकों ने इसके फौरन बाद जवाबी कार्रवाई की. दोनों ही पक्षों में कुछ को मामूली चोटें आयीं.

Advertisement

पारंपरिक बैनर ड्रिल के बाद स्थिति को सामान्य बनाया गया. इस अभ्यास में दोनों पक्ष अपनी जगहों पर लौटने से पहले बैनर पकड़ते हैं. चीनी सैनिक फिंगर फोर क्षेत्र में प्रवेश करने में कामयाब हो गये, जहां से उन्हें वापस भेजा गया. यह क्षेत्र भारत एवं चीन के बीच विवाद का कारण है क्योंकि दोनों इस भूभाग पर अपना दावा करते हैं.

लेह में चीन और भारत के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक

भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद भारत एवं चीन के सैन्य अधिकारियों की लेह के चुशूल क्षेत्र में बैठक हुई. इस बैठक से एक दिन पहले ही भारतीय सीमा रक्षकों ने लद्दाख में पेंगांग झील के तट के समीप चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में घुसने के प्रयासों को विफल कर दिया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीमाकर्मी बैठक बीपीएम में पेंगांग और लद्दाख स्थित भारत-चीन सीमा पर शांति बरकरार रखने के बारे में बातचीत हुई.

बैठक में सीमा पर शांति बरकरार रखने के लिए मौजूदा तंत्र को मजबूत बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. इस बैठक में दोनों पक्षों की ओर से ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों ने भाग लिया. पेंगांग झील के दो तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है जबकि इसके एक तिहाई भाग पर भारत का नियंत्रण है.

Advertisement

लद्दाख में टकराव की नहीं है जानकारी: चीन

चीन ने 16 अगस्त को कहा था कि उसे लद्दाख में पेंगोंग झील के किनारे भारतीय क्षेत्र में पीएलए के जवानों के घुसने संबंधी रिपोर्टों की कोई जानकारी नहीं है और वह सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. भारतीय सुरक्षा बलों ने लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में घुसने की चीनी सैनिकों की कोशिश को 15 अगस्त की सुबह नाकाम कर दिया था जिसके बाद पथराव हुआ और उसमें दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आईं.

लद्दाख जैसी घटनाएं भारत या चीन के हित में नहीं: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि डोकलाम गतिरोध पर परस्पर स्वीकार्य समाधान निकालने के लिए चीन के साथ काम करता रहेगा, लेकिन तीन दिन पहले लद्दाख में घटी घटना जैसे वाकये किसी भी पक्ष के हित में नहीं हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि 15 अगस्त को पांगोंग त्सो में एक घटना घटी थी. इस पर दोनों पक्षों के स्थानीय सैन्य कमांडरों ने बाद में चर्चा की थी. ये घटनाएं किसी भी पक्ष के हित में नहीं हैं. हमें अमन चैन बनाकर रखना चाहिए.

हालांकि उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि घटना में पथराव या सलाखों का इस्तेमाल शामिल था. उन्होंने कहा, मैंने केवल इतना कहा कि घटना घटी थी. कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि घटना को अन्य किसी क्षेत्र के घटनाक्रम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने इस बात की भी पुष्टि नहीं की कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने चीन जाएंगे या नहीं जाएंगे.

Advertisement

लद्दाख की घटना डोकलाम में भारत एवं चीनी सेनाओं के बीच तनातनी की पृष्ठभूमि में हो रही है. यह क्षेत्र भारत-भूटान-चीन के बीच में पड़ता है और इसे लेकर तनातनी तीसरे माह में प्रवेश कर गयी है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तनातनी के बावजूद भारतीय सैनिकों एवं पीएलए सैनिकों के बीच सीमा पर विभिन्न जगहों पर मिठाइयों का आदान प्रदान हुआ. इनमें डोकलाम भी शामिल है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »