राहुल गांधी को क्यों बताया PM कैंडिडेड, स्टालिन ने दी सफाई

अगले साल लोकसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन नरेंद्र मोदी को हराने के लिए विपक्षी दलों ने एकजुट होने की कोशिश शुरू कर दिया है, हालांकि उनमें अभी भी प्रधानमंत्री पद को लेकर विवाद बना हुआ है.

Advertisement
चेन्नई में एमके स्टालिन के साथ राहुल गांधी (फाइल/ PTI) चेन्नई में एमके स्टालिन के साथ राहुल गांधी (फाइल/ PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

नरेंद्र मोदी के खिलाफ डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किए जाने के बाद अन्य विपक्षी दलों की ओर आलोचना की जा रही है तो इस पर दक्षिण के इस दिग्गज नेता ने अब अपनी सफाई भी दी है.

चेन्नई में रविवार को विपक्ष की ओर से का नाम पीएम कैंडिडेट के लिए प्रस्तावित करते हुए ने कहा था कि राहुल गांधी में मोदी सरकार को हराने की ताकत है और वे पीएम पद के लिए राहुल गांधी के नाम को प्रस्तावित करते हैं.

Advertisement

हालांकि उनके इस प्रस्ताव का कई लोग समर्थन कर रहे हैं तो विपक्ष का एक बड़ा तबका उसकी आलोचना कर रहा है. अपने बयान पर अब स्टालिन ने सफाई देते हुए बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा था.

ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करना सेकुलर फोर्सेस को एकजुट बनाए रखने की दिशा में सही कदम है. राहुल 3 बीजेपी शासित राज्यों में कांग्रेस की जीत के नायक बनकर उभरे हैं.

उन्होंने आगे कहा, 'हमें लोकतांत्रिक ताकतों में समन्वय बनाए रखने के लिए एक मजबूत नेतृत्व की जरुरत है और इसीलिए मैंने राहुल का नाम प्रस्तावित किया. मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि हमारे सहयोगी इसे समझेंगे.'

हालांकि चेन्नई में राहुल की तारीफ और उन्हें किए जाने तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भौहें तन गईं. टीएमसी सूत्रों के मुताबिक पार्टी स्टालिन के इस रुख से सहमत नहीं है.

Advertisement

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता ने कहा कि पूरे विपक्ष का मानना है कि पीएम पद के लिए किसी भी नाम का आगे बढ़ाना स्वागतयोग्य नहीं है. हमने पहले भी कहा है कि प्रधानमंत्री का नाम चुनाव नतीजों के बाद ही तय किया जाएगा. इस कदम का असर बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट होने में पड़ सकता है. टीएमसी ने कहा कि कांग्रेस भी अभी किसी नेता का नाम आगे नहीं बढ़ा रही है तो फिर दूसरी पार्टियां ऐसे कदम क्यों उठा रही है.  

टीएमसी के अलावा अन्य कई विपक्षी दलों के कई नेता भी 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन की ओर से किसी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए पेश किए जाने के खिलाफ हैं. विपक्षी खेमे के सूत्रों ने यह जानकारी दी. विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "विपक्ष के कई नेता प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में किसी का नाम घोषित किये जाने के खिलाफ हैं. सपा, तेदेपा, बसपा, तृणमूल और राकांपा स्टालिन की घोषणा से सहमत नहीं है. यह जल्दीबाजी है. लोकसभा परिणामों के बाद ही प्रधानमंत्री का निर्णय होगा."

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »