दार्जिलिंग हिंसा: पश्चिम बंगाल के रवैए से नाराज़ गृह मंत्रालय नहीं भेजेगा अतिरिक्त अर्धसैनिक बल

दार्जिलिंग की घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये से गृह मंत्रालय नाराज़ है. राज्य से हालात पर रिपोर्ट मांगे जाने के एक सप्ताह बीत जाने बावजूद रिपोर्ट नही मिलने से नाराज़ गृह मंत्रालय ने 4 कंपनी अर्धसैनिक बल भेजने का फैसला फिलहाल स्थगित कर दिया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

दिनेश अग्रहरि / जितेंद्र बहादुर सिंह

  • @saharajitendra,
  • 16 जून 2017,
  • अपडेटेड 9:36 PM IST

दार्जिलिंग की घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये से गृह मंत्रालय नाराज़ है. राज्य से हालात पर रिपोर्ट मांगे जाने के एक सप्ताह बीत जाने बावजूद रिपोर्ट नही मिलने से नाराज़ गृह मंत्रालय ने 4 कंपनी अर्धसैनिक बल भेजने का फैसला फिलहाल स्थगित कर दिया है. पश्चिम बंगाल में 10 अर्धसैनिक बलों की कंपनी कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार की मदद के लिए तैनात की गई थीं. राज्य ने 4 और कंपनी अर्धसैनिक बल की मांग की थी, ताकि दार्जिलिंग के चल रहे उपद्रव से निपटा जा सके.

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राज्य सरकार ने हालात पर रिपोर्ट तो अब तक केंद्र को नही भेजा पर, 19 जून को प्रस्तावित त्रिपक्षीय बातचीत की मीटिंग रद्द करने का प्रस्ताव भेज दिया. आपको बता दें कि दार्जिलिंग शहर में हिंसक आंदोलन की आग लगी हुई है. इसकी शिकायत लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के नेता दिल्ली गुरुवार को पहुंचे थे. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और मांग की थी कि इसमें केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे. जीजेएम के जनरल सेक्रेटेरी रोशन गिरी और भाजपा के दार्जिलिंग से सांसद एसएस अहलूवालिया ने राजनाथ सिंह से मिलकर अपनी मांगें उनके सामने रखीं थीं और बाद में कहा था कि केंद इस पूरे मामले पर हस्तक्षेप करे.

बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीजेएम के नेताओं को आश्वासन दिया है कि वे समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे. दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया ने कहा कि ममता सरकार को सरकारी ऑर्डर निकालना चाहिए कि दार्जिलिंग में बंगाली बोलनी जरूरी नहीं है. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से गोरखालैंड मामले पर रिपोर्ट मांगी थी, पर वो रिपोर्ट राज्य ने अब तक नही भेजा है. पिछले कुछ दिन पहले केंद्र ने जो रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार से मांगी थी, उसमें राज्य सरकार से कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा था.

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मंत्रालय का कहना है कि वह दार्जिलिंग में तनावपूर्ण स्थिति पर निगरानी रख रहा है. उधर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरूंग के दार्जिलिंग स्थित कार्यालय पर छापा मारे जाने के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है.

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